वनांचलों में पहुंचेगा ‘चलता-फिरता अस्पताल’… मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को किया रवाना

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December 31, 2025


छत्तीसगढ़ के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी परिवारों के लिए अब स्वास्थ्य सेवाएं उनके दरवाजे तक पहुंचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवास …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 31 Dec 2025 04:00:04 PM (IST)Updated Date: Wed, 31 Dec 2025 04:00:04 PM (IST)

वनांचलों में पहुंचेगा 'चलता-फिरता अस्पताल'... मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को किया रवाना
वनांचलों में पहुंचेगा ‘चलता-फिरता अस्पताल’

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी परिवारों के लिए अब स्वास्थ्य सेवाएं उनके दरवाजे तक पहुंचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में 57 सर्वसुविधा-संपन्न मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इन मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की प्रमुख विशेषताएं

यह यूनिट्स केवल वाहन नहीं, बल्कि एक पूर्ण उपचार केंद्र की तरह काम करेंगी। इनकी कार्यप्रणाली को इस प्रकार तैयार किया गया है…

  • जांच और दवाइयां: प्रत्येक यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाओं के साथ 106 प्रकार की दवाइयां पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध होंगी।
  • विशेषज्ञ टीम: हर वाहन में एक कुशल डॉक्टर, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।
  • नियमित शिविर: ये यूनिटें हर 15 दिन में चिन्हित बसाहटों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिससे रोगों का समय पर उपचार संभव होगा।
  • आपातकालीन परिवहन: गंभीर स्थिति में मरीजों को इन यूनिट्स के माध्यम से निकटतम बड़े स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाना भी आसान होगा।

योजना का लक्ष्य और व्यापक प्रभाव

सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है…

  • विशाल कवरेज: प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गांवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुंचाई जाएंगी।
  • लाभार्थी आबादी: छत्तीसगढ़ में निवासरत लगभग 2 लाख 30 हजार विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
  • बीमारियों पर नियंत्रण: इस व्यवस्था से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान और रोकथाम में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस गौरवशाली दिन पर कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज की सुविधा गांव में ही होगी। उन्होंने इसे आदिवासी समुदायों की स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार बताया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह पहल वनांचलों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित कर ‘मोदी के सपने’ को पूरा करेगी।



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