अतिक्रमण की रंजिश में तालिबानी सजा! बागडोंगरी के दो परिवारों का ‘हुक्का-पानी’ बंद, तहसीलदार से न्याय की गुहार

Author name

January 4, 2026


Narharpur News: नरहरपुर जिले के ग्राम पंचायत बागडोंगरी में प्रशासन से शिकायत करना दो परिवारों के लिए भारी पड़ गया है। गांव की शीतला समिति और कुछ ग्रामी …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 04 Jan 2026 10:17:40 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Jan 2026 10:17:40 PM (IST)

अतिक्रमण की रंजिश में तालिबानी सजा! बागडोंगरी के दो परिवारों का 'हुक्का-पानी' बंद, तहसीलदार से न्याय की गुहार
बागडोंगरी के दो परिवारों का ‘हुक्का-पानी’ बंद।

HighLights

  1. बागडोंगरी में प्रशासन से शिकायत करना पड़ा भारी
  2. बागडोंगरी में दो परिवारों का ‘हुक्का-पानी’ बंद
  3. अतिक्रमण हटाने पर सामाजिक बहिष्कार का फरमान

नईदुनिया प्रतिनिधि, नरहरपुर। जिले के ग्राम पंचायत बागडोंगरी में प्रशासन से शिकायत करना दो परिवारों के लिए भारी पड़ गया है। गांव की शीतला समिति और कुछ ग्रामीणों पर इन परिवारों का सामाजिक बहिष्कार (हुक्का-पानी बंद) करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ितों ने इस संबंध में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।

अतिक्रमण की शिकायत बनी विवाद की जड़

पीड़ित अनिल कुमार उइके और आशाराम साहू के अनुसार, यह पूरा विवाद अवैध कब्जे की शिकायत से शुरू हुआ। उन्होंने ‘सुशासन तिहार’ के दौरान देवगुड़ी की सरकारी भूमि पर दीनानाथ नामक व्यक्ति द्वारा किए गए कब्जे और सीसी रोड पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन को आवेदन दिया था। तहसीलदार के आदेश के बाद प्रशासन ने वहां से अतिक्रमण हटवा दिया था, जिससे कुछ ग्रामीण और समिति के सदस्य नाराज थे।

पंचायत में सुनाया गया फरमान, मांगा 5-5 हजार दंड

आरोप है कि अतिक्रमण हटने की रंजिश को लेकर 13 दिसंबर को शीतला प्रांगण में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शीतला समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश सहित रमेश, गौतम साहू, घनश्याम, विष्णु और अन्य सदस्य मौजूद थे। पीड़ितों का दावा है कि उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और पांच-पांच हजार रुपये की दंड राशि जमा करने को कहा गया।

यह भी पढ़ें- CG के इस जिले में नाली के अंदर पेयजल पाइपलाइन, लीकेज होने से घरों में पहुंच रहा दूषित पानी

हुक्का-पानी बंद होने से परिवार डरा और प्रताड़ित

जब दोनों परिवारों ने नाजायज दंड राशि देने से इनकार कर दिया, तो समिति के पदाधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से उनका ‘हुक्का-पानी बंद’ करने और सामाजिक बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि इस फरमान के बाद से उनका पूरा परिवार मानसिक रूप से बेहद प्रताड़ित है। उन्हें डर है कि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है।

प्रशासन से न्याय और कार्रवाई की मांग

पीड़ित परिवारों ने तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि लोकतंत्र में शिकायत करना कोई अपराध नहीं है, इसलिए सामाजिक बहिष्कार करने वालों पर नकेल कसी जाए और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए।



Source link