अब शशांक चोपड़ा के सहयोगियों से पूछताछ करेगी ED, 6 लोगों के नाम आए सामने

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January 19, 2026


सीजीएमएससी घोटाले में ईडी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया हैा मुख्य आरोपी शशांक चोपड़ा से पूछताछ के दौरान 6 सहयोगियों और कारोबारियों के नाम सामने आए हैं। ई …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 19 Jan 2026 07:46:35 AM (IST)Updated Date: Mon, 19 Jan 2026 07:51:53 AM (IST)

CGMSC Scam: अब शशांक चोपड़ा के सहयोगियों से पूछताछ करेगी ED, 6 लोगों के नाम आए सामने
शशांक के कारोबारियों-सहयोगियों से पूछताछ की तैयारी

HighLights

  1. छह कारोबारियों-सहयोगियों से पूछताछ की तैयारी
  2. शशांक से पूछताछ में सामने आए इन 6 लोगों के नाम
  3. इन लोगों पर शशांक को संरक्षण देने के गंभीर आरोप

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) के 660 करोड़ रुपये के बहुचर्चित दवा और मेडिकल उपकरण(रीएजेंट) खरीदी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। दुर्ग स्थित मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिसके आधार पर ईडी ने छह कारोबारियों और सहयोगियों को जांच के घेरे में लिया है।

शशांक चोपड़ा 19 जनवरी तक ईडी रिमांड पर है। एजेंसी उससे टेंडर प्रक्रिया, कमीशन, फर्जी आपूर्ति, काले धन के नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। इस घोटाले की समानांतर जांच ईओडब्ल्यू भी कर रही है।

ईडी सूत्रों के मुताबिक रिमांड के दौरान शशांक चोपड़ा के सामने घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन, आपूर्तिकर्ता कंपनियों के नेटवर्क,फर्जी बिल रखकर पूछताछ की गई है। इसके साथ ही अन्य संदिग्धों की भूमिका को लेकर जानकारी ली गई। इसके आधार पर कुछ लोगों की गिरफ्तारी के संकेत है।

बढ़ेगी सहयोगियों की मुश्किलें

रीएजेंट घोटाले के मास्टर माइंड शशांक चोपड़ा से मिली जानकारी के बाद एक बार फिर ईडी की कार्रवाई तेज होने की संभावना है। घोटाले में शामिल अन्य सहयोगियों और फाइनेंशियल चैनलों की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे प्रकरण में संलिप्त कई अन्य लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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ईडी जांच में सीजीएमएससी के अधिकारी डॉ. अनिल परसाई, दीपक कुमार बांधे, बसंत कुमार कौशिक, कमलकांत पाटनवार और क्षिरोद रौतिया पर शशांक को संरक्षण देने के गंभीर आरोप हैं। शशांक ने यह स्वीकार भी किया है। ये सभी अधिकारी वर्तमान में रायपुर जेल में बंद हैं।

उल्लेखनीय है कि आइएएस और आइएफएस अधिकारियों सहित अन्य अफसरों ने दवा,उपकरण आपूर्तिकर्ताओं से मिलीभगत कर महज 27 दिनों में लगभग 750 करोड़ रुपये की दवाइयों की खरीदी कर ली थी। इस घोटाले से सरकार पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा था। घोटाले में सीजीएमएससी के तीन तत्कालीन (आइएएस) अफसर भी जांच के घेरे में है।

आज रिमांड खत्म,कोर्ट में होगी पेशी

शशांक की पांच दिन की पुलिस रिमांड सोमवार को खत्म हो रही है।लिहाजा ईडी के अधिकारी दोपहर तीन बजे उसे विशेष कोर्ट में पेश करेंगे। विस्तृत पूछताछ पूरी होने के बाद जांच एजेंसी को दोबारा रिमांड लेने की जरूरत फिलहाल नहीं है।



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