गिग वर्करों की सुरक्षा पर अजय चंद्राकर ने उठाए सवाल, सरकार का जवाब- केंद्र के नियम का करेंगे इंतजार

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February 25, 2026


छत्तीसगढ़ विधानसभा में गिग वर्करों के अधिकारों पर चर्चा हुई। अजय चंद्राकर ने स्पष्ट कानून की मांग उठाई। मंत्री लखन देवांगन ने कहा कि केंद्र के नियमों …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 25 Feb 2026 12:09:12 PM (IST)Updated Date: Wed, 25 Feb 2026 12:09:12 PM (IST)

छत्तीसगढ़ विधानसभा: गिग वर्करों की सुरक्षा पर अजय चंद्राकर ने उठाए सवाल, सरकार का जवाब- केंद्र के नियम का करेंगे इंतजार
छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठा गिग वर्कर्स का मुद्दा। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. विधानसभा में गिग वर्करों पर जोरदार चर्चा।
  2. अजय चंद्राकर ने कानून बनाने की मांग।
  3. दस मिनट डिलीवरी मॉडल पर उठाए सवाल।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रदेश में कार्यरत गिग वर्करों की स्थिति, उनके अधिकारों और राज्य स्तर पर नियमन की आवश्यकता को लेकर जोरदार चर्चा हुई। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रश्नकाल के दौरान सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसी कंपनियों में काम कर रहे गिग वर्करों को संगठित मजदूरों की श्रेणी में रखा जाएगा या असंगठित में।

अजय चंद्राकर ने कहा कि इससे पहले उन्होंने आउटसोर्सिंग कंपनियों को लेकर भी सवाल उठाया था, तब भी सरकार ने कहा था कि इस संबंध में कोई स्पष्ट कानून नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी वही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि गिग वर्कर मर रहे हैं और कंपनियां ऐश कर रही हैं। अजय चंद्राकर ने दस मिनट की डिलीवरी जैसे मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि तेज डिलीवरी के दबाव में कई बार गिग वर्करों की जान जा रही है। मानवाधिकार संगठनों द्वारा भी इस मुद्दे पर लगातार चिंता जताई जा रही है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में सामाजिक सुरक्षा संहिता लागू होने के बावजूद अब तक स्पष्ट नियम नहीं बनाए गए हैं। जब तक नियम नहीं बनेंगे, छत्तीसगढ़ के युवा शोषण का शिकार होते रहेंगे। चंद्राकर ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2025 में भारत सरकार को नोटिफिकेशन जारी करना पड़ा क्योंकि नियम नहीं बन सके थे, जबकि देश के कई राज्यों ने अपने स्तर पर नियम बना लिए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ समवर्ती सूची के अधिकार का उपयोग करते हुए अपना अलग अधिनियम या नियम बनाने पर विचार करेगा?

फिलहाल न संगठित, न असंगठित- लखन देवांगन

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने सदन में जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल गिग वर्करों को न तो संगठित क्षेत्र में रखा गया है और न ही असंगठित क्षेत्र में। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत गिग वर्करों को शामिल किया गया है और जैसे ही भारत सरकार इस संबंध में नियम अधिसूचित करेगी, राज्य सरकार उसका अनुसरण करेगी।

मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने इस विषय पर एक समिति गठित की थी और उसकी प्रक्रिया जारी थी। इसी दौरान भारत सरकार द्वारा चार श्रम संहिताएं लागू की गईं, जिसके बाद राज्य की कार्यवाही केंद्र के अधिनियम के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने दोहराया कि राज्य में नियम भारत सरकार के अधिनियम के अधीन ही बनाए जाएंगे।



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