चौथी के पर्चे पर ‘राम’ नाम का गलत इस्तेमाल, एनएसयूआई ने खोला मोर्चा, डीईओ ऑफिस में जमकर बवाल, नोटिस जारी

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January 9, 2026


महासमुंद में कक्षा चौथी की अंग्रेजी परीक्षा के प्रश्नपत्र में भगवान राम के नाम को अनुचित संदर्भ में इस्तेमाल पर विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार को इस गं …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 09 Jan 2026 09:51:30 AM (IST)Updated Date: Fri, 09 Jan 2026 09:51:30 AM (IST)

चौथी के पर्चे पर 'राम' नाम का गलत इस्तेमाल, एनएसयूआई ने खोला मोर्चा, डीईओ ऑफिस में जमकर बवाल, नोटिस जारी
एनएसयूआई ने खोला मोर्चा

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। महासमुंद में कक्षा चौथी की अंग्रेजी परीक्षा के प्रश्नपत्र में भगवान राम के नाम को अनुचित संदर्भ में इस्तेमाल पर विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार को इस गंभीर त्रुटि को लेकर एनएसयूआइ रायपुर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। डीईओ हिमांशु भारतीय ने इसे विभागीय त्रुटि माना। आश्वासन दिया कि मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की जा रही है, जो सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

ऐसी लापरवाही अक्षम्य

रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। आंदोलन की चेतावनी शांतनु झा ने कहा कि प्रश्नपत्र में ऐसी लापरवाही अक्षम्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाला गया, तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा। इस दौरान प्रदेश महासचिव निखिल बघेल, जिला महामंत्री सूरज साहू, जिला उपाध्यक्ष तारिक अनवर, संस्कार पांडे, विमल साहू, डिकेंद्र सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कारण बताओ नोटिस जारी

लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने छमाही परीक्षा में बरती गई गंभीर लापरवाही को लेकर महासमुंद डीईओ विजय कुमार लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चौथी के अंग्रेजी विषय की छमाही परीक्षा में एक आपत्तिजनक प्रश्न पूछा गया था- ‘मोना के कुत्ते का नाम क्या है? इस प्रश्न के विकल्पों में ‘शेरू’ के साथ ‘राम’ नाम भी शामिल किया गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआइ ने डीईओ से तत्काल लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

निर्धारित समय-सीमा में उत्तर प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीपीआई ने कहा है कि जिले के अंतर्गत संचालित प्राथमिक शालाओं की छमाही परीक्षा के प्रश्नपत्रों का निर्धारण, मुद्रण एवं वितरण की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित डीईओ की होती है। इसके बावजूद प्रश्नपत्र तैयार करने में गंभीर लापरवाही बरती गई।



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