छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शुरू होगी AI आधारित शिक्षा, SCERT अब शिक्षकों और छात्रों को देगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग

Author name

February 14, 2026


प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए स्कूलों में एआई आधारित शिक्षा लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षि …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 14 Feb 2026 03:28:25 PM (IST)Updated Date: Sat, 14 Feb 2026 03:28:25 PM (IST)

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शुरू होगी AI आधारित शिक्षा, SCERT अब शिक्षकों और छात्रों को देगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शुरू होगी AI आधारित शिक्षा

HighLights

  1. स्कूलों में एआई आधारित शिक्षा लागू करने की तैयारी
  2. 1.75 लाख से अधिक शिक्षकों को मिलेगी ऑनलाइन ट्रेनिंग
  3. कक्षा तीन से एआई जोड़ने की दिशा में पहल तेज

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए स्कूलों में एआई आधारित शिक्षा लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के संयोजन में शासकीय संस्थानों के प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को अध्ययन, अध्यापन और शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बेसिक ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम चरण में एससीईआरटी के प्राध्यापकों, शासकीय बीएड कॉलेजों और डाइट संस्थानों के अकादमिक सदस्यों को एआई का बेसिक कोर्स कराया जा चुका है। अब दूसरे चरण में इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी है।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप एआई को प्रारंभिक स्तर से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव-2026 में घोषणा की कि आने वाले समय में कक्षा तीन से ही एआई आधारित शिक्षा प्रारंभ की जाएगी। उनका कहना है कि तकनीक शिक्षा तंत्र का केंद्रीय तत्व बन चुकी है और विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से नई तकनीकों से परिचित कराना समय की मांग है।

सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एआई को बढ़ावा देने के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना भी की है, जिसका उद्देश्य ज्ञान और बौद्धिक क्षमता का विकास करना है।

निजी शिक्षकों को भी मिलेगा प्रशिक्षण

इस पहल में निजी, अनुदान प्राप्त और गैर-अनुदान स्कूलों के शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा। नई पाठ्यचर्या के अपडेट के साथ शिक्षकों की ट्रेनिंग की रूपरेखा तैयार की जा रही है। राज्य में 1.75 लाख से अधिक शासकीय शिक्षक हैं, जबकि निजी और अन्य विद्यालयों को मिलाकर शिक्षकों की संख्या दो से ढाई लाख के बीच आंकी गई है।

डिजिटल सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। अनजान लिंक पर क्लिक न करने, साइबर ठगी से बचने और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के बारे में जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार एआई आधारित प्रशिक्षण से शिक्षण गुणवत्ता, शोध, मूल्यांकन और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।



Source link