छत्तीसगढ़ में 6 लाख करोड़ के निवेश के लिए आगे आए 66 उद्योगपति, मिलेंगी 63,651 नौकरियां

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August 22, 2025


छत्तीसगढ़ में सरकार की नई औधोगिक नीति का लाभ राज्य को मिलता दिख रहा है। राज्य में 6.65 लाख करोड़ के निवेश के लिए देश भर से 66 उद्योगपति सामने आए हैं। इन निवेशकों के प्रस्तावों पर सहमति बन चुकी है। राज्य में उद्योगों के विकास से रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

Edited By: Roman Tiwari

Publish Date: Fri, 22 Aug 2025 09:45:36 AM (IST)

Updated Date: Fri, 22 Aug 2025 09:49:14 AM (IST)

छत्तीसगढ़ में 6 लाख करोड़ के निवेश के लिए आगे आए 66 उद्योगपति, मिलेंगी 63,651 नौकरियां

HighLights

  1. निवेशकों को प्रभावित कर रही प्रदेश की नई औद्योगिक नीति
  2. प्रदेश में 63 हजार से अधिक लोगों को मिलेंगी नौकरियां
  3. 80 हजार करोड़ से अधिक का निवेश करेगा अदाणी समूह

अभिषेक राय, नईदुनिया रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी वाली नीति से उत्साहित होकर पिछले एक वर्ष में 66 निवेशक राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आए हैं। अब तक कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बन चुकी है।

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इनमें अकेले अदाणी समूह ने ऊर्जा, सीमेंट और कोल माइनिंग के लिए 80,344 करोड़ रुपये का निवेश करने एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया है। इसके अलावा खनिज, बायो गैस, सीमेंट, इलेक्ट्रानिक्स, एथेनाल, फूड प्रोसेसिंग, आइटी समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों से एमओयू हो चुका है। आठ निवेशकों ने उद्योग लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रदेश में इन तमाम उद्योगों से 63,651 नौकरियां मिलेंगी।

निवेशकों आकर्षित करने विदेश दौरे पर गए सीएम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने के लिए गुरुवार को जापान और दक्षिण कोरिया रवाना हो गए हैं। दस दिवसीय दौरे पर वे विभिन्न कारपोरेट प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। इस यात्रा को राज्य में विदेशी निवेश के नए द्वार खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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विगत डेढ़ साल में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ रायपुर में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हो चुका है। इस वर्ष एनर्जी कानक्लेव का आयोजन रायपुर में हुआ था। इसमें न्यूक्लियर पाव, थर्मल, सोलर, पीएम कुसुम, पीएसपी, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, पावर ट्रांसमिशन अधोसंरचना आदि में 3,01,086 करोड़ के निवेश पर सहमति बनी थी।

30 अक्टुबर तक लागू रहेगी यह नीति

बता दें कि विष्णु देव साय की औद्योगिक नीति 1 नवंबर 2024 से 31 अक्टूबर 2030 तक लागू रहेगी। नई औद्योगिक नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), रोबोटिक्स और कंप्यूटिंग (जीपीयू) से संबंधित उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रविधान है। इसके तहत उद्योगों को 12 वर्षों तक राज्य जीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी या संबंधित परियोजनाओं में निवेश के आधार पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 450 करोड़ रुपये तक हो सकती है। नई नीति में निवेशकों के लिए ब्याज अनुदान, पूंजी अनुदान, स्टांप व बिजली शुल्क छूट और मूल्य संवर्धित कर की प्रतिपूर्ति जैसी वित्तीय सहायता देने का प्रविधान भी शामिल है।

प्रदेश में नई औद्योगिक नीति से औद्योगिक विकास स्वर्णिम युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है। निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बन चुका है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ रायपुर में इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री की जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को गति मिलेगी।

-लखनलाल देवांगन, मंत्री, वाणिज्य व उद्योग विभाग



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