Raipur News: बस्तर की संवेदनशील राजनीति में एक बार फिर सुरक्षा और सियासत आमने-सामने है। बीजापुर के कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी के दौरे पर पुलिस ने स …और पढ़ें

HighLights
- माओवादी गतिविधियों की आशंका रहती है
- विधायक को लिखित में जानकारी दी है
- बघेल ने सवाल उठाया कि सच क्या है
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। बस्तर की संवेदनशील राजनीति में एक बार फिर सुरक्षा और सियासत आमने-सामने है। बीजापुर के कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी के दौरे पर पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ब्रेक लगा दी है।
बीजापुर एसपी ने विधायक को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे अपना दौरा स्थगित कर दें, जिस पर अब राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। विधायक मंडावी का यह दौरान 12 फरवरी को प्रस्तावित है।
माओवादी गतिविधियों की आशंका रहती है
मंडावी गुरुवार सुबह भैरमगढ़ से पिलूर, एडापल्ली, संड्रा और गुडुम जैसे धुर माओवाद प्रभावित इलाकों में जाने वाले थे। एसपी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि ये इलाके अत्यंत संवेदनशील हैं और वहां जाने वाले रास्ते कच्चे हैं, जहां माओवादी गतिविधियों की आशंका रहती है।
हमने विधायक को लिखित में जानकारी दी है
बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव कहा, हमने विधायक को लिखित में जानकारी दी है। जिस अंदरुनी इलाके में वे जाना चाह रहे हैं, वह फिलहाल काफी संवेदनशील है। वहां सक्रिय माओवादियों खतरा भी बना हुआ है। इसी को ध्यान में रख उन्हें वहां न जाने की सलाह दी है।
सुरक्षा देना सरकार का काम
दौरे पर अड़े विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि सुरक्षा देना सरकार का काम है। अगर वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, तो यह उनकी विफलता है। मैं अपने क्षेत्र की जनता से मिलने जरूर जाऊंगा। इधर, इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि एक ओर अमित शाह कहते हैं कि 31 मार्च तक माओवाद खत्म हो जाएगा, दूसरी ओर भाजपा सरकार कह रही है कि विधायक सुरक्षित नहीं हैं।
बघेल ने सवाल उठाया कि सच क्या है
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वाकई कुछ खत्म हो रहा है? हमारी सरकार में कम से कम विधायक बेरोकटोक दौरा तो कर पा रहे थे।