सौरभ मिश्रा, नईदुनिया रायपुर। इंदौर में सीवरयुक्त पेयजल से हुई जनहानि की घटना के बाद रायपुर की पेयजल व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। राजधानी की सेलटैक्स कॉलोनी, गायत्री नगर, पिंक सिटी और स्टील सिटी जैसे इलाकों में बीते एक माह से बदबूदार और गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। कई घरों में बच्चे बीमार पड़ चुके हैं, जबकि लोग मजबूरी में कंटेनर का पानी खरीदकर पीने को विवश हैं।
पानी में मछली के मरने जैसी बदबू
पिंक सिटी और गायत्री नगर की महिलाओं ने बताया कि नलों से आने वाले पानी में मछली के मरने जैसी बदबू आती है। पानी को उबालकर पीना पड़ रहा है, फिर भी परेशानी खत्म नहीं हुई। नहाने तक के लिए कंटेनर का पानी उपयोग करना पड़ रहा है।
रोजाना 250 से 300 रुपये पानी खरीदने में खर्च हो रहे हैं, जिससे महीने का खर्च आठ से 10 हजार रुपये तक पहुंच गया है। नगर निगम में लगातार शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं हुआ है। टंकी जोन-9 में और इलाका जोन-3 में होने से समन्वय की कमी भी सामने आ रही है।
प्रोफेसर कॉलोनी में भी यही हालात
शहर की प्रोफेसर कॉलोनी क्षेत्र में भी हालात अलग नहीं हैं। दंतेश्वरी चौक के पास नाली के भीतर से निकली पाइपलाइन के कारण सब्जी बाजार क्षेत्र में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है।
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, पानी की सप्लाई के दौरान नाली से बुलबुले उठते हैं और गंदा पानी नलों तक पहुंच जाता है। इसकी शिकायत नगर निगम में की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सिस्टम की कमजोर कड़ी
फिल्टर प्लांट में पानी शुद्ध होने के बाद टंकियों और वितरण लाइनों में नियमित जांच की पुख्ता व्यवस्था नहीं है। अमृत योजना के तहत सीवर और पेयजल लाइन एक ही समय में बिछने से कई जगह दोनों लाइनें पास-पास हैं। संकरी गलियों में इन्हें अलग करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
लीकेज की स्थिति में सीवर का गंदा पानी पेयजल लाइन में मिलने का खतरा बना रहता है। शहीद स्मारक स्कूल के पास तो पानी की मुख्य लाइन ही नाला से होकर गुजरी है।
लाभांडी संकल्प सोसायटी के लोगों का दर्द
लाभांडी क्षेत्र की संकल्प सोसायटी में गंदे पानी की समस्या हर साल गंभीर रूप ले लेती है। पीएम आवास के रहवासियों को बीते तीन वर्षों से डायरिया और पीलिया का सामना करना पड़ रहा है। रहवासी सूरज यादव के अनुसार काॉलोनी के बोर में सीवरेज का पानी सीधे पहुंचता है।
वर्ष 2024 में दूषित पानी पीने से 85 से अधिक लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हुए थे, जबकि ढाई महीने के एक बच्चे की मौत भी हुई थी। यहां की स्थिति अब भी सुधरी नहीं है। वर्तमान में लोगों को टैंकर से पानी दिया जा रहा है। वहीं लाभांडी टंकी से पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू नहीं हुआ है।
पेयजल व्यवस्था पर खड़े हो रहे सवाल
इंदौर की घटना के बाद रायपुर नगर निगम क्षेत्र में भी पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निगम के आंतरिक आकलन में शहरभर में 80 से अधिक पाइपलाइन लीकेज सामने आए हैं, जिनमें से 40 से ज्यादा ऐसे स्थानों पर हैं, जहां सीवर लाइन या नाली-नाले गुजर रहे हैं।
सेल टैक्स कॉलोनी क्षेत्र में आ रहे गंदे पानी की समस्या को दूर करने की कोशिश जारी है। आवंति विहार में पाइपलाइन नाली से जुड़ी मिली है, जिसे शनिवार को ठीक कराया गया है। इसके पहले भी दो-तीन जगह पाइपलाइन नाली से जुड़ी मिली थी, जिसे भी ठीक करा दिया गया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ था। लीकेज खोजने में निगम की टीम जुटी हुई है।
– पुष्पा रोहित साहू, पार्षद, सुभाष चंद्र बोस वार्ड-31
सप्लाई लाइनों को ठीक रखने की कोशिशें जारी हैं। दूषित पानी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने और पाइपलाइनों के लीकेज व क्षतिग्रस्त होने पर तत्काल मरम्मत कराने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। साथ ही सप्लाई किए जाने वाले पानी की नियमित सैंपलिंग भी कराई जा रही है। इस पर टीम के सदस्य काम भी कर रहे हैं।
– विश्वदीप, आयुक्त, नगर निगम, रायपुर।