रायपुर में आतंकी साजिश का भंडाफोड़, पकड़ में आए दो डिजिटल आतंकी, ISIS के संपर्क में थे दोनों युवक

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November 18, 2025


नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) ने अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। यह पहला मामला है जिसमें इस्लामिक स्टेट आप इराक एंड सीरिया (ISIS) का पाकिस्तान-आधारित माड्यूल प्रदेश के किशोरों को सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम के जरिए कट्टरपंथ की ओर धकेल रहा था। वर्ष 2017 में एटीएस गठन के बाद यह पहली एफआइआर है, जो सीधे आतंकी गतिविधियों से जुड़ी है। पकड़े गए दोनों नाबालिग लगभग दो वर्षों से आइएसआइएस के संपर्क में थे और त्योहारों के दौरान हिंसा फैलाने की साजिश कर रहे थे।

इंस्टाग्राम से फैल रहा था जिहादी जहर

एटीएस की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से संचालित आइएसआइएस माड्यूल फर्जी और छद्म नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट चलाता था। ये अकाउंट देखने में धार्मिक या मोटिवेशनल लगे, ऐसा डिजाइन किया जाता था। विदेशी हैंडलर पहले किशोरों से सामान्य चैट करते थे, फिर उन्हें गुप्त ग्रुप चैट में जोड़ते थे। इस ग्रुप में उग्र और भड़काऊ सामग्री, जिहादी साहित्य और वीडियो, आइएसआइएस समर्थित प्रोपेगेंडा, भारत-विरोधी संदेश, धार्मिक उन्माद बढ़ाने वाली पोस्ट होते थे। एटीएस के अनुसार संपर्क बढ़ने के साथ किशोरों को धीरे-धीरे कट्टरपंथी विचारधारा की ओर मोड़ा जाता था। उन्हें यह समझाया जाता था कि जिहाद का रास्ता ही असल धार्मिक मार्ग है।

मोबाइल में मिले संवेदनशील स्थानों के नक्शे

गिरफ्तार किशोरों के मोबाइल फोन एवं लैपटाप से कई अहम जानकारी हाथ लगी है। जांच टीम को ऐसे नक्शे और लोकेशन मार्किंग मिली हैं, जिनमें देश के विभिन्न इलाकों में स्थित संवेदनशील स्थान चिह्नित हैं। माना जा रहा है कि इन्हें पाकिस्तानी हैंडलरों ने भेजा था। इसके साथ ही त्योहारों के समय धार्मिक उन्माद फैलाने के निर्देश, अपने जैसे विचार वाले युवाओं को जोड़ने का आदेश, छद्म नाम से नई आइडी बनाकर संपर्क बढ़ाने के संदेश, फिदायीन बनने के लिए उकसाने वाले वीडियो भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, आतंकी संगठन किशोरों का फिदायीन इस्तेमाल करने की तैयारी में था, जिसे समय रहते रोक लिया गया।

दो साल पुराना संपर्क, आनलाइन कोर ग्रुप भी बनाया

दोनों किशोरों को पाकिस्तान से लगातार संदेश मिलते थे, जिन्हें वे आगे अपने साथियों तक पहुंचाते थे। इस सिलसिले में एक आनलाइन कोर ग्रुप भी बनाया गया था, जिसमें देश के अन्य राज्यों के युवाओं को भी जोड़ने के प्रयास हुए। एटीएस की टीम ने करीब एक हजार से अधिक इंटरनेट मीडिया अकाउंट की जांच की। इसी निगरानी के दौरान दोनों किशोरों के नाम सामने आए। उनके इंस्टाग्राम चैट बैकअप, ब्राउजिंग इतिहास, वर्चुअल प्राक्सी और विदेशी अकाउंट संपर्क का विश्लेषण कर पूरी साजिश उजागर हुई।

भिलाई और टिकरापारा से पकड़े गए दोनों किशोर

एटीएस ने रविवार को कार्रवाई करते हुए एक किशोर को भिलाई और दूसरे को रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र से पकड़ा। दोनों के आइपी एड्रेस ट्रेस किए गए थे। पूछताछ में किशोरों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से जिहादी वीडियो, संदेश और आइएसआइएस की प्रचार सामग्री प्राप्त कर रहे थे। एटीएस ने उनके विरुद्ध यूएपीए के तहत मामला दर्ज करने के साथ-साथ काउंसलिंग भी करवाई है, ताकि उनसे जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी मिल सके।

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आगे और गिरफ्तारियां संभव

किशोरों की पूछताछ में कुछ और नाम सामने आए हैं, जिनके इंटरनेट मीडिया अकाउंट की जांच की जा रही है। एटीएस सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में आइएसआइएस नेटवर्क से जुड़े और लोगों को भी पकड़ा जा सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संभावना है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी इस प्रकरण में शामिल हो सकती है।



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