रायपुर में पाकिस्तानी हैंडलरों ने इंस्टाग्राम के जरिए युवकों को बनाया जिहादी, दो गिरफ्तार

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November 18, 2025


CG News: छत्तीसगढ़ एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) ने राजधानी में आइएसआएस की साजिश का पर्दाफाश किया है। पाकिस्तान-आधारित आइएसआएस माड्यूल इंस्टाग्राम के माध्यम से भारतीय किशोरों को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर धकेलने की कोशिश कर रहा था। एटीएस ने देर रात यूएपीए के तहत अपराध दर्ज कर दो किशोरों को गिरफ्तार किया है।

Publish Date: Tue, 18 Nov 2025 11:11:17 PM (IST)

Updated Date: Tue, 18 Nov 2025 11:11:17 PM (IST)

रायपुर में पाकिस्तानी हैंडलरों ने इंस्टाग्राम के जरिए युवकों को बनाया जिहादी, दो गिरफ्तार
इंस्टाग्राम के जरिए युवकों को बनाया जिहादी।

HighLights

  1. राजधानी में आइएसआएस की साजिश का पर्दाफाश
  2. एक के पिता सीआरपीएफ में दूसरा ऑटो चालक
  3. छत्तीसगढ़ एटीएस ने यूएपीए के तहत दर्ज किया केस

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) ने राजधानी में आइएसआएस की साजिश का पर्दाफाश किया है। पाकिस्तान-आधारित आइएसआएस माड्यूल इंस्टाग्राम के माध्यम से भारतीय किशोरों को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर धकेलने की कोशिश कर रहा था। एटीएस ने देर रात यूएपीए के तहत अपराध दर्ज कर दो किशोरों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपित 16 वर्षीय जो कि रायपुर के संतोषी नगर क्षेत्र का रहने वाला है। उसके पिता सेंट्रल फोर्स में कार्यरत हैं। वहीं, दूसरा आरोपित 15 वर्षीय जो भिलाई का रहने वाला है। दोनों किशोर विशेष समुदाय से हैं। दिल्ली में ब्लास्ट के बाद लगातार सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही थी, जिसके बाद इनकी गिरफ्तारी की गई है।

जिहादी मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित किया

जांच में सामने आया कि पाकिस्तानी हैंडलर फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर भारतीय युवाओं से संपर्क स्थापित कर रहे थे। सामान्य दिखने वाले इन अकाउंट्स का उद्देश्य किशोरों को धीरे-धीरे गुप्त चैट ग्रुप में जोड़ना था। इन ग्रुप्स में उन्हें लगातार जिहादी वीडियो, उग्र भाषण, भारत-विरोधी संदेश और आइएसआएस समर्थित सामग्री भेजी जा रही थी। एटीएस के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी तरह योजनाबद्ध थी, जिसका मकसद किशोरों की मानसिकता को प्रभावित कर उन्हें जिहादी मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

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लोकल नेटवर्क खड़ा करना था उद्देश्य

जानकारी के अनुसार हैंडलरों ने किशोरों को छत्तीसगढ़ में आइएसआएस का लोकल नेटवर्क खड़ा करने के लिए उकसाया था। डिजिटल साक्ष्यों में इसके प्रमाण मिले हैं। साइबर मानिटरिंग और तकनीकी विश्लेषण के बाद एटीएस ने दो नाबालिगों की पहचान की जो विदेशी हैंडलरों के संपर्क में आ चुके थे। उनके मोबाइल, चैट बैकअप और आनलाइन गतिविधियों की जांच में जिहादी कंटेंट मिलने की पुष्टि हुई। एटीएस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई से राज्य में बड़ा आतंकी खतरा टल गया।



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