राजधानी में रविवार सुबह बैडमिंटन खेलते समय 57 वर्षीय कारोबारी अमृत बजाज की अचानक मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। …और पढ़ें

HighLights
- रायपुर में बैडमिंटन कोर्ट पर थमीं सांसें।
- शटल उठाने झुके कारोबारी की हार्ट अटैक से मौत।
- CCTV में कैद हुई घटना।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में रविवार सुबह बैडमिंटन खेलते समय 57 वर्षीय कारोबारी अमृत बजाज की अचानक मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था।
ईदगाहभाठा निवासी अमृत बजाज अश्वनीनगर स्थित सोनकर बाड़ी के ओपन कोर्ट में अपने दोस्तों के साथ बैडमिंटन खेल रहे थे। खेल शुरू हुए कुछ ही मिनट हुए थे कि दूसरे शॉट के दौरान शटल उठाने के लिए झुकते समय वे अचानक गिर पड़े।
अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित
साथी खिलाड़ियों ने पहले उन्हें संभालने की कोशिश की। पानी के छींटे मारे गए और तौलिये से हवा दी गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। तुरंत उन्हें रायपुरा स्थित जगन्नाथ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
CCTV में कैद हुआ घटनाक्रम
घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में वे सामान्य रूप से खेलते नजर आते हैं। पहला शॉट खेलने के बाद जैसे ही वे दूसरे शॉट पर झुकते हैं, अचानक गिर जाते हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
स्वास्थ्य को लेकर थे सजग
परिवार के अनुसार अमृत बजाज अनुशासित जीवनशैली अपनाते थे। कोरोना काल के बाद उन्होंने नियमित व्यायाम और बैडमिंटन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया था। उनके भतीजे सुरेंद्र बजाज ने बताया कि वे दुर्व्यसनों से दूर रहते थे और फिटनेस को लेकर सजग थे।
कार्डियक अरेस्ट में नहीं मिलता समय
हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में हृदय अचानक काम करना बंद कर देता है, जिससे शरीर में रक्त संचार रुक जाता है। ऐसे मामलों में तुरंत सीपीआर और आपात चिकित्सा ही जीवन बचाने का एकमात्र उपाय होता है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
बताया जा रहा है कि शहर के ओपन बैडमिंटन कोर्ट में यह पहली बड़ी घटना है। इससे पहले मई 2025 में सप्रे बैडमिंटन कोर्ट में खेलते समय 35 वर्षीय युवक की भी अचानक मौत हुई थी।
विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नियमित हृदय जांच करानी चाहिए। खेल या व्यायाम के दौरान सीने में दर्द, अत्यधिक पसीना, घबराहट, सांस फूलना या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत गतिविधि रोककर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है। साथ ही खेल स्थलों पर प्राथमिक उपचार और सीपीआर की जानकारी उपलब्ध होना भी बेहद महत्वपूर्ण है।