रायपुर में राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति खंडित, प्रदर्शन के दौरान क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प

Author name

November 1, 2025


नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राज्योत्सव से ठीक पहले राजधानी में तेलीबांधा थाना क्षेत्र के वीआईपी चौक स्थित राम मंदिर के पास लगी छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने देर रात खंडित कर दिया। रविवार सुबह मूर्ति का सिर टूटा हुआ देखकर लोगों को गुस्सा साफ देखने को मिला। घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। संगठन के सदस्यों ने इसे छत्तीसगढ़ की अस्मिता और संस्कृति पर हमला बताते हुए नारेबाजी की।

naidunia_image

इस दौरान क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल सहित कई कार्यकर्ता शामिल हैं। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। घटना के दौरान एक युवक छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के पास रोता हुआ नजर आया, जिसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।

पुलिस दिखा रही असंवेदनशीलता, प्रदर्शनकारियों का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन इस गंभीर घटना को लेकर असंवेदनशील रवैया अपना रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस इसे किसी मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति की करतूत बताकर मामले को हल्का दिखाने की कोशिश कर रही है। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल ने कहा, ’यह हमारी मातृभूमि का अपमान है। जब तक आरोपित गिरफ्तार नहीं होगा, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।’

मुख्यमंत्री बोलें- दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि जिसने भी यह कृत्य किया है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, ’यह निंदनीय घटना है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’

कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला

इस घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने इसे छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और मातृभूमि के सम्मान पर सीधा प्रहार बताया है। कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है ‘छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। यह कृत्य हमारी संस्कृति और पहचान पर हमला है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए और उसी स्थान पर नई छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तुरंत स्थापित की जाए।’

कांग्रेस ने आगे कहा कि ‘भाजपा सरकार के शासन में लगातार छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, तीज-त्योहार और पहचान को मिटाने की कोशिशें की जा रही हैं। महतारी के प्रतीक पर हुआ यह वार पूरे प्रदेश की भावनाओं को आहत करने वाला है।’

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, आरोपी की तलाश जारी

तेलीबांधा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 298 के तहत अपराध दर्ज किया है। यह धारा किसी धर्म, वर्ग या पूजा स्थल की पवित्र वस्तु को नुकसान पहुंचाने पर लागू होती है। एडिशनल एसपी ग्रामीण कीर्तन राठौर, सिविल लाइन सीएसपी रमाकांत साहू समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात पर नजर रखी। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले गए हैं। आरोपित की पहचान की गई है जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- कांकेर के अंतागढ़ में केशकल डिवीजन 21 माओवादियों ने किया सरेंडर, हथियार छोड़कर शांति की राह पर लौटें

मूर्ति की स्थापना क्रांति सेना ने की थी

बताया जा रहा है कि यह मूर्ति छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना द्वारा राम मंदिर तिराहा के पास स्थापित की गई थी। देर रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने मूर्ति को दीवार से उखाड़ दिया, जिससे उसका सिर अलग हो गया। सुबह आसपास के लोगों ने देखा तो सूचना पुलिस को दी। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।



Source link