Raipur Murder Case: छत्तीसगढ़ के रायपुर में दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने मंगलवार को बड़ा खुलासा किया है, जहां उसने बताया है कि बुजुर्ग दंपति की हत्या किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं बल्कि गांव में झोलाछाप डॉक्टर के रूप में इलाज करने वाले राकेश कुमार बारले ने की थी। यहां आरोपी ने बुराई और तानों से आहत होकर दोनों बुजुर्ग की हत्या को अंजाम दिया।
By Mohan Kumar
Publish Date: Tue, 22 Jul 2025 05:36:31 PM (IST)
Updated Date: Tue, 22 Jul 2025 05:36:31 PM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: थाना अभनपुर क्षेत्र के ग्राम बिरोदा में दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने मंगलवार को बड़ा खुलासा किया है। बुजुर्ग दंपति की हत्या किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं बल्कि गांव में झोलाछाप डॉक्टर के रूप में इलाज करने वाले राकेश कुमार बारले (30) ने की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त चाकू, बाइक व अन्य सामग्री जब्त कर ली है। आरोपी ने बुराई और तानों से आहत होकर हत्या को अंजाम दिया। आरोपी को गांव के लोगों ने घटना दिनांक को आस-पास आते-जाते देखा था।
इलाज का विवाद और बयाना राशि का विवाद
रायपुर एसएसपी डा. लाल उम्मेद सिंह ने मामले का राजफाश करते हुए बताया कि 16 जुलाई को मृतक भूखन ध्रुव और उनकी पत्नी रूखमणी ध्रुव की हत्या उनके ही घर में गला रेतकर की गई थी। आरोपी राकेश बारले ने पूछताछ में बताया कि वह बिरोदा गांव में आरके मेडिकल नाम से दुकान चलाता था और झोलाछाप तरीके से इलाज करता था।
मृतिका रुखमणी कुछ समय से उसके पास हाथ दर्द का इलाज करवा रही थी, लेकिन इलाज से राहत नहीं मिलने पर वह लगातार ताना मारती थी और गांव में उसकी बुराई करती थी। इसके साथ ही भूखन ध्रुव की जमीन का सौदा रायपुर के एक व्यक्ति से कराने के बदले आरोपी ने बयाने में 10 हजार रुपये लिए थे, लेकिन बाद में भूखन ने जमीन बेचने से मना कर दिया और पैसे भी वापस नहीं लौटाए।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
घटना के दिन आरोपित को मृतक ने अपने घर बुलाकर बीपी जांच करवाई और इलाज के लिए बुलाया। जब आरोपी उनके घर पहुंचा, तो रुखमणी ने फिर ताना मारा जिससे आरोपी नाराज हो गया। उसने पहले खाट पर लेटे भूखन के गले और छाती में चाकू से वार किया और जब रुखमणी गर्म पानी लेकर लौटी, तो उस पर भी हमला कर दिया।
हत्या के बाद आरोपित दुकान पर लौट आया था
हत्या के बाद आरोपी धमतरी स्थित अपने गांव कोड़ापारा लौट गया, कपड़े बदले और हथियार व अन्य सामान अभनपुर के एक नाले में फेंक दिए। फिर वापस बिरोदा आकर सामान्य रूप से इलाज करना शुरू कर दिया ताकि किसी को शक न हो।
पांच दिन में 200 लोगों से पूछताछ
अभनपुर पुलिस और और एंटी क्राइम यूनिट की संयुक्त टीमों ने पांच दिनों तक गांव में डेरा डालकर 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। लास्ट सीन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपित तक पहुंचा गया। साक्ष्यों के आधार पर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।