Bharatmala Project Scam: जमीन के 24 टुकड़े कर करोड़ों का बंदरबांट, घोटाले में कई अधिकारियों के भी नाम

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July 23, 2025


Bharatmala Project Scam मामले की जांच में आरोपित अधिकारियों के अलावा अब अन्य कई अधिकारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। जांच में यह भी सामने आ रहा है कि अधिकारियों की मिलीभगत से एक ही जमीन को 24 टुकड़ों में बांटकर मुआवजे की राशि ली गई है। मामले में अभी जांच की जा रही है।

By Roman Tiwari

Publish Date: Wed, 23 Jul 2025 02:05:41 PM (IST)

Updated Date: Wed, 23 Jul 2025 02:19:52 PM (IST)

Bharatmala Project Scam: जमीन के 24 टुकड़े कर करोड़ों का बंदरबांट, घोटाले में कई अधिकारियों के भी नाम
जमीन को कई टुकड़ों में बांट कर प्राप्त किया मुआवजा

HighLights

  1. भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले में कई अधिकारियों के नाम शामिल
  2. मुआवजे की राशि प्राप्त करने के लिए 1 जमीन के 24 टुकड़े किए
  3. रायपुर में 43.600 किलोमीटर से 79.800 किलोमीटर भूमि अधिगृहित

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: Bharatmala Project के तहत रायपुर–विशाखापत्तनम कारिडोर में मुआवजा घोटाले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले जहां एक एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और तीन पटवारियों पर प्रकरण दर्ज हो चुका है, वहीं अब संभागायुक्त को भेजी गई शिकायत में कई अन्य अफसरों की संलिप्तता भी सामने आई है।

अब ग्राम कोलर के मुआवजे की गड़बड़ी में तत्कालीन एसडीएम जगन्नाथ वर्मा, तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू और पटवारी संजीव खुदशाह का नाम सामने आ रहा है। ग्राम कोलर में खसरा नंबर 305, रकबा 1.214 हेक्टेयर भूमि को 24 टुकड़ों में बांटकर 11 करोड़ 84 लाख रुपये का मुआवजा निकाल लिया गया।

नईदुनिया को मिले दस्तावेज बताते हैं कि यह बंटवारा अधिसूचना जारी होने के बाद किया गया। इस खसरे के भूमिस्वामी में यशवंत पिता तुलसीराम सहित नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें आगे कर मुआवजा राशि की बंदरबाट की गई। पटवारी संजीव खुदशाह ग्राम कोलर में लगातार तीन वर्षों तक पदस्थ रहे और उन्होंने भारतमाला परियोजना में प्रतिबंध के बाद अवैध बटांकन किया।

8 टुकड़ों में बांटकर 1.61 करोड़ रुपये मुआवजा

खसरा नंबर 308 (0.13 हेक्टेयर) और 309 (0.185 हेक्टेयर) भूमि को आठ टुकड़ों में बांटकर एक करोड़ 61 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा जारी कराया गया। भारतमाला परियोजना के भू-अर्जन एवं मुआवजा वितरण सूची मे अभनपुर अंतर्गत अधिसूचना के अनुसार रायपुर में 43.600 किलोमीटर से 79.800 किलोमीटर (दुर्ग रायपुर खंड) के लिए अर्जित की गई। कोलर में कुल 62 खसरों का मुआवजा निर्धारित किया गया।

इन एसडीएम की हुई शिकायत

  • हरवंश सिंह मिरी (कार्यकाल 18 मई 2018 से 21 जनवरी 2019)
  • सूरज कुमार साहू (कार्यकाल 22 जनवरी 2019 से 15 अक्टूबर 2020)
  • निर्भय कुमार साहू (कार्यकाल 15 अक्टूबर 2020 से 01 जून 2023)
  • जगन्ननाथ वर्मा (कार्यकाल 15 जून 2023 से 05 जनवरी 2024)

इन तहसीलदारों की हुई शिकायत

  • पार्वती पटेल (कार्यकाल 25 अप्रैल 2018 से 23 अगस्त 2018 )
  • शशिकांत कुर्रे (कार्यकाल 23 अगस्त 2018 से 29 जून 2021 )
  • कृष्ण कुमार साहू (कार्यकाल 29 जून 2021 से 04 अक्टूबर 2021)
  • पवन सिंह ठाकुर (कार्यकाल 04 अक्टूबर 2021 से 31 जुलाई 2023)
  • नायब तहसीलदार लखेश्वर किरण (कार्यकाल 01 जनवरी 2021 से 08 सितंबर 2021)
  • मुकेश कुमार कोठारी (कार्यकाल 08 सितंबर 2021 से 07 मार्च 2022)
  • सीमा मरकाम (कार्यकाल 06 दिसंबर 2021 से 31 जुलाई 2023)

भू-अर्जन की प्रक्रिया के दौरान अभनपुर में रहे एसडीएम, तहसीलदारों, आरआइ और पटवारी सभी जांच के दायरे में हैं। वजह यह है कि राजस्व रिकार्ड में हुई गड़बड़ी की जानकारी सभी को थी। इसके बाद भी मुआवजा वितरण में रोक नहीं लगाई गई। इसकी विस्तृत शिकायत संभागायुक्त को की गई है।

– कृष्णकुमार साहू, शिकायतकर्ता

करीब 150 शिकायतें मिली हैं। इसकी जांच के लिए टीम बनाई गई है। जांच रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। आगे की कार्रवाई शासन स्तर पर की जाएगी।

– महादेव कावरे, एसडीएम, रायपुर

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नेताओं के रिश्तेदारों के वारे-न्यारे

ग्राम कोलर में भूमि अधिग्रहण के राजस्व रिकार्ड के अनुसार, खसरा नंबर 68 को 28 टुकड़ों, 305 को 24, 322 को 22 और 128 को 67 टुकड़ों में बांटकर सिर्फ गोलछा परिवार को 20.71 करोड़ रुपये का मुआवजा दे दिया गया।

इसी तरह, खसरा नंबर 294 को 37 टुकड़ों में विभाजित कर धमतरी के राजनेता के रिश्तेदार सरिता चंद्राकर को 20.25 लाख और राजेंद्र चंद्राकर को 30 लाख से अधिक का लाभ मिला। जांच में पाया गया कि एक ही खसरे को कई टुकड़ों में बटांकित कर करोड़ों का भुगतान किया गया।



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