CG की नई Tourism Policy… बस्तर, जशपुर और सरगुजा के पर्यटन स्थलों को निजी हाथों में सौंपेगी सरकार

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January 18, 2026


छत्तीसगढ़ में ट्यूरिज्म इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार नहीं पर्यटन नीति बना रही है। इस नई नीति में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत पर्यट …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 18 Jan 2026 07:34:45 AM (IST)Updated Date: Sun, 18 Jan 2026 08:03:38 AM (IST)

CG की नई Tourism Policy... बस्तर, जशपुर और सरगुजा के पर्यटन स्थलों को निजी हाथों में सौंपेगी सरकार
सरगुजा संभाग के कुछ आकर्षक और मनमोहक झरने

HighLights

  1. नई पर्यटन नीति तैयार कर रही सरकार
  2. PPP मॉडल से पर्यटन स्थलों का विकास
  3. 20 पर्यटन स्थल पहले चरण में चयनित

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को पर्यटन हब बनाने के लिए नई पर्यटन नीति तैयार कर रही है। नीति में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माडल के तहत पर्यटन स्थलों के विकास और संचालन पर जोर रहेगा। पहले 15 मोटल निजी हाथों में दिया जा चुका हैं, अब पर्यटन स्थलों को भी इसी माडल पर विकसित व संचालित किया जाएगा।

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बस्तर, जशपुर और सरगुजा के 20 पर्यटन स्थलों काे पहले चरण में चयनित किया गया है। नई नीति में इको टूरिज्म को प्राथमिकता दी जाएगी। सरगुजा और बस्तर संभाग में होम-स्टे, होटल, एडवेंचर स्पोर्ट्स और वेलनेस सेंटर जैसी परियोजनाओं के लिए सब्सिडी दी जाएगी। सामान्य क्षेत्रों में 45 प्रतिशत और आदिवासी व माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान मिलेगा।

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राज्य की नई पर्यटन नीति में पर्यटन विकास को गति देने पर विशेष जोर दिया गया है। निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार पर्यटन अधोसंरचना का विकास करेगी। पर्यटकों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त होटल एवं रिसार्ट तैयार करने के साथ पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा।

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साथ ही युवाओं को आकर्षित करने के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स को प्रोत्साहित किया जाएगा,वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

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छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। 44 फीसदी वन क्षेत्र, प्राकृतिक सौंदर्य, पौराणिक इतिहास और समृद्ध संस्कृति इसे खास बनाती है। भगवान राम का वनगमन और ननिहाल यहीं रहा। बावजूद इसके अपेक्षित पहचान नहीं मिली। आर्थिक सुधार के लिए सरकार पर्यटन को आधार बना रही है।

इन स्थानों को करेंगे विकसित

  • लेजर टूरिज्म के तहत गंगरेल बांध, लग्जरी रिसार्ट और नेचर कैंप विकसित किए जाएंगे।
  • धार्मिक, इको, एथनिक, एडवेंचर और हेरिटेज पर्यटन स्थलों जैसे दंतेवाड़ा, चित्रकोट, बस्तर, मैनपाट और सिरपुर को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।
  • वेलनेस सेंटर के माध्यम से प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • राज्य को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए ही नई पर्यटन नीति तैयार की गई है। यह अगले वित्तीय वर्ष से लागू होगी।

नई पर्यटन नीति तैयार की जा रही है, जिसमें इको टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्राविधान होंगे। पीपीपी माडल से बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा और निजी निवेश से पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

-राजेश अग्रवाल, पर्यटन मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन



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