शराब घोटाला और मनी लांड्रिंग मामले में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य के न्यायिक रिमांड को और 5 दिन बढ़ा दिया गया है। चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया और नए साक्ष्यों के आधार पर कस्टोडियल रिमांड की मांग की गई। ईडी को 23 अगस्त कर रिमांड मिला है।
By Deepak Shukla
Publish Date: Wed, 20 Aug 2025 01:18:34 PM (IST)
Updated Date: Wed, 20 Aug 2025 01:22:32 PM (IST)

HighLights
- 3200 करोड़ के शराब घोटाले में चैतन्य पर 16.70 करोड़ पाने का आरोप
- ईडी ने 18 जुलाई को जन्मदिन के दिन घर से किया गया था गिरफ्तार
- घोटाले से निकली ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में लगाने का आरोप
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: प्रदेश में हुए 32 सौ करोड़ के शराब घोटाला और मनी लांड्रिंग मामले में कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। अब 23 अगस्त तक ईडी चैतन्य से नए तथ्यों पर पूछताछ करेगी। कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भी बेटे से मिलने पहुंचे थे।
मंगलवार को न्यायिक रिमांड खत्म होने पर चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान ईडी ने नए साक्ष्यों के आधार पर कस्टोडियल रिमांड की मांग की। कोर्ट में इस पर लंबी बहस हुई। बचाव पक्ष ने रिमांड की मांग को अवैधानिक बताया।
वकीलों ने तर्क दिया कि दर्ज एफआईआर आइपीसी की धाराओं के तहत हुई है, जिसमें केवल प्रथम न्यायिक रिमांड तक ही कस्टडी मांगी जा सकती है। वहीं, ईडी के वकील ने पंजाब और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए रिमांड को वैधानिक ठहराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष कोर्ट ने ईडी की मांग स्वीकार कर ली।
16.70 करोड़ मिलने का दावा
ईडी के मुताबिक, शराब घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग केस में चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपये मिले हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से निकली ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में लगाया गया। पैसे को सफेद करने के लिए फर्जी निवेश दिखाया गया और सिंडिकेट के साथ मिलकर करीब 1,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।