Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को बड़ी राहत मिली है, जहां उन्हें अब गवाही देने के लिए अदालत में पेश होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य की सभी 23 जिला अदालतें और जिला अस्पताल अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आपस में जुड़ गए हैं, जिसका मतलब है कि मेडिकल रिपोर्ट और डाक्टरों के बयान वर्चुअली लिए जा सकेंगे।
By Mohan Kumar
Publish Date: Sun, 29 Jun 2025 02:24:30 PM (IST)
Updated Date: Sun, 29 Jun 2025 02:24:30 PM (IST)

HighLights
- छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को मिली बड़ी राहत
- अब वर्चुअली लिए जा सकेंगे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के बयान
- देश के अग्रणी राज्यों में अब छत्तीसगढ़ का भी नाम
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया रायपुर: छत्तीसगढ़ में अब डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को अदालत में पेश होकर गवाही देने की जरूरत नहीं होगी। राज्य की सभी 23 जिला अदालतें और जिला अस्पताल अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आपस में जुड़ गए हैं। इसका मतलब यह है कि अब मेडिकल रिपोर्ट और डाक्टरों के बयान वर्चुअली लिए जा सकेंगे। इस नई सुविधा की शुरुआत हो चुकी है। इस कदम से अदालत की कार्यवाही न सिर्फ तेज होगी, बल्कि पेपरलेस और पारदर्शी भी बनेगी।
वीडियो कॉल से आएगी अदालत की प्रक्रिया में तेजी
अब डाक्टरों को दूर-दराज से कोर्ट आने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने अस्पताल से ही वीडियो कॉल के जरिए अदालत की प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इसके साथ ही रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा और बेमेतरा जिला अदालतों में डिजिटाइजेशन और स्कैनिंग सेंटर भी शुरू कर दिए गए हैं। इन सेंटरों के शुरू होने से अब पूरे छत्तीसगढ़ में अदालतों का डिजिटीकरण पूरा हो गया है, जो न्याय व्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
देश के अग्रणी राज्यों में अब छत्तीसगढ़ का भी नाम
छत्तीसगढ़ अब ई-कोर्ट मिशन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। खास बात यह है कि अब अदालतों से जारी समन भी ई-समंस के जरिए भेजे जाएंगे। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि केस की सुनवाई में बार-बार तारीख टलने की परेशानी भी कम होगी। अब मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट से जुड़कर गवाही दे सकेंगे।