छत्तीसगढ़ में 2021 से 2023 के बीच हुए 600 करोड़ के चावल घोटाला मामले में खाद्य संचालनालय के अतिरिक्त संचालक राजीव कुमार जायसवाल को पद से हटा दिया गया है। हमर संगवारी संस्था के अध्यक्ष अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
Publish Date: Sat, 06 Sep 2025 01:47:36 PM (IST)
Updated Date: Sat, 06 Sep 2025 01:53:41 PM (IST)

HighLights
- 2021 से 2023 के बीच 600 करोड़ का चावल घोटाला
- 10 जिलों में 128 करोड़ रुपये के चावल की कालाबाजारी
- मामले में शासन ने अतिरिक्त आयुक्त को पद से हटाया
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: खाद्य विभाग में वर्ष 2021 से 2023 के बीच करीब 600 करोड़ रुपये का चावल घोटाला सामने आया है। इस मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए खाद्य संचालनालय के अतिरिक्त संचालक राजीव कुमार जायसवाल को पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें खाद्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में पदस्थ किया गया है।
इसकी पुष्टि मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. सुभाष राज सिंह ने की है। यह जानकारी खाद्य संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री निवास को भेजे गए पत्र के जरिए दी गई। हमर संगवारी संस्था के अध्यक्ष राकेश चौबे ने 8 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर घोटाले की जांच को प्रभावित करने वाले अधिकारियों को हटाने की मांग की थी। इसी शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए जायसवाल को संचालनालय से मुक्त किया गया।
दिए गए थे प्रमाणित दस्तावेज
राकेश चौबे ने बताया कि विधानसभा जांच समिति को उन्होंने प्रमाणित दस्तावेज सौंपे हैं। सबसे बड़ा सबूत यह है कि खुले बाजार से बोगस चावल खरीदकर राशन कार्डधारियों को बांटा गया, जबकि गुणवत्ता वाला चावल भेजने के लिए केवल नागरिक आपूर्ति निगम अधिकृत है।
विधानसभा में बड़ा खुलासा
विधानसभा में तारांकित प्रश्न क्रमांक 58 के जवाब में खाद्य विभाग ने जानकारी दी कि 10 जिलों में 4,63,319 क्विंटल चावल काले बाजार में बेचा गया। इसकी बाजार कीमत करीब 128.09 करोड़ रुपये है।
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पीडीएस चावल घोटाले में कोरबा जिला सबसे आगे रहा। यहां 4,669.56 टन चावल, जिसकी कीमत 16.59 करोड़ रुपये है, कालाबाजार में खपा दिया गया। इसमें 298 राशन दुकानों की संलिप्तता सामने आई। इनमें से 50 दुकानों का निलंबन, 31 का निरस्तीकरण और केवल 31 दुकानों से राजस्व वसूली का नोटिस जारी किया गया।