CG Smart Meter: सुस्त पड़ी स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार, डेडलाइन तक काम पूरा हो पाना मुश्किल

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June 29, 2025


Chhattisgarh Smart Meter: छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तर और कॉलोनियों में स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार मंद पड़ गई है। इसकी वजह से अब इसका काम डेडलाइन पर पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है। अब तक केवल 30 प्रतिशत ही मीटर लग पाए हैं।

By Mohan Kumar

Publish Date: Sun, 29 Jun 2025 02:03:00 PM (IST)

Updated Date: Sun, 29 Jun 2025 02:05:06 PM (IST)

CG Smart Meter: सुस्त पड़ी स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार, डेडलाइन तक काम पूरा हो पाना मुश्किल
छत्तीसगढ़ में सुस्त पड़ी स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ में सुस्त पड़ी स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार
  2. अब तक सिर्फ 30 प्रतिशत ही काम हो सका है पूरा
  3. प्रदेश में लग चुके हैं 19 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर

नईदुनिया, रायपुर: प्रदेशभर बिजली उपभोक्ताओं के घरों में प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। अब तक केवल 30 प्रतिशत ही मीटर लग पाए हैं, जबकि बिजली कंपनी ने ठेका एजेंसी टाटा पावर, हाईप्रिंट साल्यूशंस और जीनस कंपनी को दिसंबर तक प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य दिया है। राज्य पावर कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि घरेलू समेत अन्य कनेक्शनों के साथ ही सरकारी दफ्तरों, सरकारी कॉलोनियों में पुराने मीटर को बदलकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम बढ़ाने के निर्देश ठेका कंपनी को दिया गया है।

राज्य के 59 लाख बिजली उपभोक्ताओं में से लगभग 5.50 लाख कृषि कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को छोड़कर, बाकी सभी उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य दिसंबर 2025 तक रखा गया है। वहीं नवंबर 2025 तक वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं एवं उच्च लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। बिजली वितरण कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में 19 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। शेष 33 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। यह काम रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत किया जा रहा है।

इन जिलों में रफ्तार धीमी

रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग-भिलाई, धमतरी, बिलासपुर, कोरबा, सरगुजा समेत अन्य जिलों स्मार्ट मीटर लगाने का काम काफी धीमा चल रहा है। कोरबा जिले में 50 प्रतिशत, रायपुर में 30 प्रतिशत, महासमुंद जिले में 35 प्रतिशत ही मीटर लग पाए हैं। शेष जिलों की भी यही स्थिति है। स्मार्ट मीटर केवल घरों में ही नहीं, फीडर में भी लगाने की योजना है, जिससे बिजली कट का पता लगाया जा सके, लेकिन इसका कार्य भी धीमी गति से चल रहा है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने में लोग हिचकिचा रहे हैं। लोगों को भारी-भरकम बिजली बिल आने की चिंता सता रही है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अधिक बिल आने की शिकायत रायपुर समेत पूरे प्रदेशभर में लगाए जा रहे नए स्मार्ट मीटर आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं।

पहले की तुलना में दोगुना से भी अधिक बिजली बिल आने से उपभोक्ता परेशान होकर बिल सुधारवाने दफ्तर का चक्कर काट रहे है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जब से उनके घर में स्मार्ट मीटर लगे हैं तब से बिजली का बिल काफी बढ़ गया है। पहले उनका सामान्य बिल पांच सौ से छह सौ रुपये के बीच आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद से एक हजार से बारह सौ रुपये तक बिल आने लगा है। बिजली कंपनी के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भू उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

खपत अधिक बताकर वापस भेज रहे अधिकारी

उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली बिल दोगुना से अधिक आने की शिकायत करने पर अधिकारी और कर्मचारी अधिक खपत होने की बात कहकर वापस जाने को कहते है। कोई भी समस्या निराकरण करने को तैयार नहीं है। आम उपभोक्ता आए दिन बिजली कटौती, मरम्मत के नाम पर बिजली गुल होने से पहले ही परेशान हैं। ऊपर से बिना रीडिंग के मनमाने तरीके से बढ़े हुए बिल थमाए जा रहे है।



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