Rain in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में 20 अक्टूबर तक बारिश के आसार हैं, जो पांच साल का रिकॉर्ड बना सकता है। इस बार प्रदेश से मानसून की विदाई एक सप्ताह देर से होगी, आमतौर पर 12 अक्टूबर को होती है। 15 अक्टूबर से नार्थ ईस्ट मानसून सक्रिय होगा। धान की फसलों के लिए यह बारिश राहत मानी जा रही है, लेकिन कटाई में देरी होगी।
Publish Date: Thu, 02 Oct 2025 09:58:45 AM (IST)
Updated Date: Thu, 02 Oct 2025 10:01:14 AM (IST)

HighLights
- दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की संभावना।
- खेतों में नमी बने रहने से फसल अच्छी तरह पक सकेगी।
- अक्टूबर में धीरे-धीरे दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी होगी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। देश के कई इलाकों से मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस बार इसकी वापसी एक सप्ताह देर से होगी। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 20 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला चलता रहेगा। बीते पांच वर्षों में मानसून आमतौर पर 12 अक्टूबर के आसपास विदा होता रहा है। इस बार लौटने में देरी से मौसम का मिजाज भी बदला-बदला रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 15 अक्टूबर से नार्थ ईस्ट मानसून सक्रिय होगा। इसके बाद ही धीरे-धीरे दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी होगी। बरसात की यह बढ़ी हुई अवधि धान की फसलों के लिए राहत मानी जा रही है। खेतों में नमी बने रहने से फसल अच्छी तरह पक सकेगी। हालांकि लगातार वर्षा से कटाई में देरी हो सकती है।
इस बार समय से पहले आया था मानसून
छत्तीसगढ़ में 28 मई को बस्तर से मानसून की दस्तक होती है। पूरे देश में अब बारिश अंतिम दौर में है। मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ से अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक मानसून पूरी तरह से विदा हो जाता है। इस बार विदाई तक कई जिलों अच्छी बारिश हो सकती है। बीते पांच वर्षों के आंकड़े देखें तो 10 से 12 अक्टूबर तक मानूसन की वापसी होती है।
हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की भी चेतावनी
पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के साथ सक्रिय है, जो अगले 12 घंटे में अवदाब और बाद में गहरा अवदाब बनकर तीन अक्टूबर की सुबह दक्षिण ओडिशा–उत्तर आंध्र तट पार कर सकता है। इसके असर से दो को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है। तीन को दक्षिण अंचल में भारी से अति भारी बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। चार को मध्य भाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।