110 दिनों बाद छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई हो गई है। इस मानसून में प्रदेश में औसतन 1244.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अब प्रदेश का मौसम शुष्क रहने की संभावना है। दिन के समय गर्मी और रातों को ठंड बढ़ेगी।
Publish Date: Wed, 15 Oct 2025 08:39:29 AM (IST)
Updated Date: Wed, 15 Oct 2025 08:42:24 AM (IST)

HighLights
- 1,244 मिमी औसत बारिश के साथ पूरा हुआ सीजनल कोटा
- छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
- प्रदेश में नदी-तालाबों, जलाशयों का जलस्तर सामान्य से ऊपर
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर : इस साल प्रदेश में मानसून ने धमाकेदार एंट्री ली और शानदार विदाई दी। करीब 110 दिन तक प्रदेश को भिगोने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 14 अक्टूबर को विदाई ले ली। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, मानसून की वापसी रेखा अब प्रदेश से पूरी तरह पीछे हट चुकी है। आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहेगा, जबकि रात के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी।
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट (1 जून से 14 अक्टूबर तक) के अनुसार, प्रदेश में औसतन 1244.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो कि सामान्य 1142.2 मिमी से 102.2 मिमी अधिक है। इस बार राज्य में सीजनल कोटा पूरा हुआ, बल्कि 9 प्रतिशत अधिक बारिश हुई।
दिन में गर्मी, रातें होंगी ठंडी
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मानसून की वापसी के बाद प्रदेश में अब दिन में हल्की गर्माहट और रात में ठंडक बढ़ने लगेगी। अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट संभव है। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा, केवल दक्षिणी अंचलों,कोंटा, बचेली और कुआकोंडा क्षेत्र में हल्की बारिश दर्ज की गई। रायपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहा। बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में भी दिन का तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया।
13 दिन पहले आई थी मानसूनी बौछारें
आमतौर पर बस्तर में मानसून 10 जून के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस साल 13 दिन पहले यानी 28 मई को ही पहली बारिश की बौछार के साथ मानसून ने दस्तक दी थी। सिर्फ 17 दिन बाद, 14 जून को मानसून पूरे छत्तीसगढ़ में फैल गया। शुरुआती दौर में मानसून काफी सक्रिय रहा, जून और जुलाई में जमकर बारिश हुई, नदी-तालाबों और जलाशयों का जलस्तर सामान्य से ऊपर है।