छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन की एक और लापरवाही सामने आयी है। राज्य के सरकारी अस्पतालों में वितरित होने वाली पैरासिटामोल के साथ एसिक्लोफिनेक दवा की गुणवत्ता भी खराब पाई गई है। मामला सामने आने के बाद इन दवाओं की वितरण पर रोक लगा दिया गया है।
Publish Date: Fri, 22 Aug 2025 09:09:24 AM (IST)
Updated Date: Fri, 22 Aug 2025 09:30:27 AM (IST)

HighLights
- सरकारी अस्पतालों में वितरित की जा रही खराब गुणवत्ता की दवाएं
- पैरासिटामोल 500 एमजी और एसिक्लोफिनेक 100 एमजी पर रोक
- सीजीएमएसी द्वारा घटिया दवा सप्लाई के मामले पहले भी सामने आए
अस्पतालों में पहुंच रही घटिया दवाएं और उपकरण
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आश्चर्यजनक यह है कि जो दवा इन्द्रिय परीक्षण में फेल हो चुकी थी, उसे नियमों को दरकिनार कर दोबारा परीक्षण के लिए भेजा गया। एक अप्रैल 2024 से अब तक 19.93 लाख टैबलेट अस्पतालों में पहुंच चुकी हैं। -
पहले भी आ चुकी है शिकायतें सर्जिकल ब्लेड से लेकर ग्लूकोज स्लाइन तक घटिया क्वालिटी की सप्लाई की गई। -
पिछले दो माह में डीएनएस तरल पोषण, आरएल स्लाइन, अस्थमा-गठिया की दवा, सर्जिकल दस्ताने, इंजेक्शन पाउडर और कैल्शियम टैबलेट तक की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई। -
इसके अलावा आंगनबाड़ी और विद्यालयों में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को दी जाने वाली अलबेन्डाजोल गोलियों की गुणवत्ता खराब मिली थी।
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एक ही कंपनी को बार-बार ठेका