By Roman Tiwari
Publish Date: Thu, 10 Jul 2025 03:00:40 PM (IST)
Updated Date: Thu, 10 Jul 2025 03:08:35 PM (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस मामले में 29 अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। इसके बाद सरकार ने इनमें से 22 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं 7 अधिकारी पहले ही रिटायर हो गए हैं।

ईओडब्ल्यू की चार्जशीट में यह साफ तौर पर बताया गया है कि इन अधिकारियों ने वर्ष 2019 से 2023 के बीच 15 जिलों में पदस्थ रहते हुए लगभग 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की है। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने शराब बिक्री और ट्रांसपोर्टिंग के नाम पर भारी भरकम रिश्वत ली और राज्य को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
3200 करोड़ पहुंचा घोटाले का आंकड़ा
अब तक जिस शराब घोटाले को 2100 करोड़ रुपए का बताया जा रहा था, वह दरअसल 3200 करोड़ रुपए का घोटाला है। ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया है कि यह संगठित सिंडिकेट के जरिए किया गया एक सुव्यवस्थित घोटाला था, जिसमें अफसरों, नेताओं और कारोबारियों की मिलीभगत सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, निलंबित अधिकारियों में आबकारी विभाग के जिला अधिकारी, निरीक्षक स्तर के कर्मचारी और मुख्यालय से जुड़े कुछ उच्चाधिकारी भी शामिल हैं। मामले में जांच अभी भी जारी है। संभवतः कुछ अन्य लोगों की गिरफ्तारियां भी संभव है।
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22 आबकारी अधिकारी थे काम पर, 7 हो चुके हैं रिटायर
बता दें कि शराब घोटाले में जिन 29 अधिकारियों का नाम सामने आया है। उनमें से 22 अधिकारी अभी नौकरी पर हैं, जबकि 7 अधिकारी रिटायर हो गए हैं। घोटाले में शामिल एक अधिकारी की बीमारी से मौत हो चुकी है। आबकारी अधिकारी जनार्दन कौरव, विकास गोस्वामी, नीतू नोतानी, दिनकर वासनिक, अनिमेष तेनाम, विजय सेन शर्मा, इकबाल खान, नितिन खंडूजा, नवीन प्रताप सिंह तोमर, मंजुश्री कसेर, सौरभ बख्शी, अशोक सिंह, गरीबपाल दर्दी, नोहर सिंह ठाकुर, सोनल नेताम, प्रमोद नेताम, मोहित जायसवाल, रविश तिवारी, रामकृष्ण मिश्रा इसमें शामिल हैं।