नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। नगरीय निकायों में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए संचालित निष्ठा एप की सेवा बंद हो जाने के बाद रायपुर नगर निगम समेत अन्य नगरीय निकायों में उपस्थिति प्रणाली गड़बड़ा गई है। इसका सीधा असर शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी दिखने लगा है।
सूड़ा द्वारा संचालित इस एप का टेंडर 30 जून को समाप्त हो गया था। इसके बाद एप का संचालन करने वाली एजेंसी को एक्सटेंशन नहीं दिया गया, जिससे 1 जुलाई से यह तकनीकी सेवा पूरी तरह बंद हो गई।
निष्ठा एप की अनुपस्थिति में निगम की सफाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है। कई वार्डों से कचरे का नियमित उठाव नहीं हो पा रहा है और निगम को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। यदि शीघ्र कोई वैकल्पिक तकनीकी समाधान लागू नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं।
निगरानी कमजोर, ठेकेदारों की मनमानी शुरू
निष्ठा एप के माध्यम से पहले कर्मचारियों की जीपीएस आधारित उपस्थिति दर्ज होती थी, जिससे न केवल सफाई कर्मचारियों बल्कि अधिकारियों की भी ऑनलाइन हाजिरी पर निगरानी रखी जाती थी। अब मैनुअल अटेंडेंस व्यवस्था लागू हो गई है, जिससे निगरानी पूरी तरह शिथिल हो चुकी है। इसका फायदा उठाकर ठेकेदार तय संख्या से काफी कम कर्मचारियों को ड्यूटी पर भेज रहे हैं।
टेंडर खत्म, फिर भी नहीं हुई समय पर नई निविदा
एप संचालन का ठेका खत्म होने की पूर्व जानकारी के बावजूद अधिकारियों ने समय रहते नई एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू नहीं की। अब जब सेवा पूरी तरह बंद हो गई है, तब जाकर प्रशासकीय स्वीकृति के लिए फाइल शासन को भेजी गई है। इस पूरे मामले ने सूड़ा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि वैकल्पिक व्यवस्था पहले से क्यों नहीं बनाई गई।
वार्डों में आधे कर्मचारी ही पहुंच रहे ड्यूटी पर
निष्ठा एप बंद होते ही उपस्थिति रजिस्टर में मैनुअल एंट्री शुरू हुई है, लेकिन इसकी वजह से कई वार्डों में कर्मचारियों की संख्या आधी रह गई है।
रायपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 58, 59, 60, 62, 63 और 65 से जानकारी मिली है कि ठेकेदार कम स्टाफ भेज रहे हैं, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वार्ड 61 में तय संख्या में कर्मचारी नहीं भेजे जाने के कारण ठेकेदार को हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।