GATE एग्जाम में नकल का बड़ा खुलासा, गिरोह इतने लाख में बेचता था फर्जी रिजल्ट, इंजीनियर हाईटेक तरीके से करवाते थे नकल

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February 17, 2026


स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) में नकल के आरोप में पकड़े गए छह आरोपितों से पूछताछ में हरियाणा के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। गिरोह हमनाम अभ्यर्थियों …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 16 Feb 2026 11:34:52 PM (IST)Updated Date: Tue, 17 Feb 2026 05:15:41 AM (IST)

GATE एग्जाम में नकल का बड़ा खुलासा, गिरोह इतने लाख में बेचता था फर्जी रिजल्ट, इंजीनियर हाईटेक तरीके से करवाते थे नकल
गेट परीक्षा में नकल का खुलासा: 15 लाख में बिकता था रिजल्ट। AI Generated Image

HighLights

  1. 15 लाख में बेचे जाते थे परीक्षा परिणाम
  2. फार्म में सरनेम नहीं लगाते थे अभ्यर्थी
  3. तीन इंजीनियर और तीन साल्वर गिरफ्तार

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) में नकल के मामले में गिरफ्तार तीन इंजीनियरों और तीन साल्वरों से पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला कि हरियाणा का एक संगठित गिरोह हमनाम अभ्यर्थियों को परीक्षा परिणाम 10 से 15 लाख रुपये में बेचता था। पकड़े गए आरोपितों में लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की, सुमित सहवाग और अमर शामिल हैं।

फार्म भरते समय अपनाते थे खास रणनीति

गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित थी। परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थी फार्म भरते समय अपना सरनेम नहीं लगाते थे, ताकि बाद में पहचान संबंधी समस्या न हो। परीक्षा परिणाम उन अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराया जाता था जिनका नाम आरोपितों से मिलता-जुलता हो। कॉलेज में नामांकन के दौरान भी गिरोह के सदस्य सक्रिय रहते थे और मिलते-जुलते चेहरे वाले अभ्यर्थियों से संपर्क साधते थे।

एडवांस पेमेंट और बाद में सौदा तय

परीक्षा पास कराने के लिए गिरोह पहले दो लाख रुपये अग्रिम लेता था। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद गिरोह के अन्य सदस्य सौदे को अंतिम रूप देकर शेष राशि वसूलते थे। आरोपितों ने बताया कि परीक्षा देने के बदले उन्हें तीन लाख रुपये मिलते थे और परीक्षा के बाद उनकी भूमिका समाप्त हो जाती थी। गिरोह का सरगना परीक्षा परिणाम को 10 से 15 लाख रुपये में बेचता था।

कई परीक्षाओं में शामिल रहे आरोपी

पुलिस जांच में सामने आया कि लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की, सुमित सहवाग और अमर अब तक 10 से 12 अलग-अलग परीक्षाएं दे चुके हैं। सुमित सहवाग के मोबाइल फोन से दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस सहित अन्य विभागों के एडमिट कार्ड बरामद हुए हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपित कई अन्य परीक्षाओं में भी शामिल रहे हैं।

नौकरी पर नहीं जा रहा था अमर

नकल करते पकड़ा गया अमर जम्मू में चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट में असिस्टेंट इंजीनियर है। वह किश्तवाड़ के क्वार जल विद्युत परियोजना में कार्यरत था, लेकिन कई दिनों से ड्यूटी पर नहीं जा रहा था। वहीं, आरोपी नरेंद्र गुरुग्राम की एम-3-एम कंपनी में कार्यरत पर्वतारोही बताया गया है।

ऑनलाइन मिल रहा था नकल का उपकरण

आरोपित परीक्षा के दौरान जिस ब्लूटूथ ईयरपीस का उपयोग कर रहे थे, वह मात्र 10 हजार रुपये में ऑनलाइन उपलब्ध है। पुलिस अब गिरोह के डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों और नेटवर्क की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके। इस मामले ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



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