मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान में कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है। राज्य में इसे तत्परता से अपनाया गया है।
By Abhishek Rai
Publish Date: Mon, 04 Aug 2025 02:41:28 PM (IST)
Updated Date: Mon, 04 Aug 2025 03:52:21 PM (IST)

HighLights
- विद्यालय भवनों के लिए 133 करोड़ का बजट स्वीकृत।
- सीएम ने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को अपनाया।
- 5,000 नये शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ।
नईदुनिया, रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य में अब भी शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए 5,000 नये शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी। विद्यालय भवनों के रखरखाव के लिए 133 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही छात्रावासों की स्थिति सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की संख्या कम
सीएम विष्णु देव साय राजधानी में रविवार को एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही प्राथमिकता रही कि विभाग को गहराई से समझते हुए सुधार की ठोस पहल की जाए। सबसे पहले एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पाया गया कि राज्य में शिक्षक और छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद वितरण असमान है।

ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन शिक्षक अपेक्षाकृत कम हैं। जबकि, शहरी क्षेत्रों में शिक्षक अधिक संख्या में पदस्थ हैं। इस असंतुलन को दूर करने के लिए युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की गई।
बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ किए गए
इसके परिणामस्वरूप वर्तमान में कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। इस प्रभाव का विस्तार इतना व्यापक रहा कि इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है। राज्य में इसे तत्परता से अपनाया गया है।
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