International Trade Fair में छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प और वन-उत्पादाें ने खींचा खरीदारों का ध्यान

Author name

November 25, 2025


राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित 44वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में सोमवार को छत्तीसगढ़ का गौरवपूर्ण प्रदर्शन देश-विदेश के आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का विस्तृत अवलोकन किया और राज्य की समृद्ध कला, संस्कृति तथा वनोपज आधारित उत्पादों की सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, कोसा सिल्क, ढोकरा शिल्प, धातु कला, वन-उत्पाद और मिलेट आधारित फूड प्रोडक्ट्स वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है, बल्कि कारीगरों के सम्मान और आजीविका को भी नया आयाम प्रदान कर रही है।

उन्होंने बस्तर की विरासत पर आधारित डाक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’ का अवलोकन किया और कहा कि यह फिल्म नए, उभरते और विकसित बस्तर की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार जनजातीय, ग्रामीण और पारंपरिक उत्पादों के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए लगातार संस्थागत समर्थन को मजबूत बना रही है। इस मौके पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, कमलेश जांगड़े सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

संस्कृति ने दिखाई अनूठी छटा

इधर, नई दिल्ली के भारत मंडपम में ही आयोजित सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की भव्य प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ नृत्य, पंथी और करमा जैसे लोकनृत्यों की शानदार झलक पेश की। पूरे सभागार में प्रतिभागियों की तालियों की गूंज छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति उत्साह का प्रमाण बनी रही।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री साय ने दीप प्रज्वलन कर की। उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कला-कृतियों और हस्तशिल्प की प्रशंसा करते हुए कलाकारों और उद्यमियों को प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रायपुर में देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।

यह भी पढ़ें- अब छत्तीसगढ़ में वन्य प्राणियों को गोद ले सकेंगे लोग, जल्द ही लागू होगी यह खास योजना

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया की गूंज जब देश की राजधानी में सुनाई देती है तो हर छत्तीसगढ़वासी गर्व से भर उठता है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों को छत्तीसगढ़ की सादगी, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध परंपराओं का अनुभव करने का आमंत्रण भी दिया। कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय, पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा, साहित्य अकादमी अध्यक्ष शशांक शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, जनसंपर्क सचिव रोहित यादव, तथा अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



Source link