रायपुर पुलिस के साइबर शील्ड ऑपरेशन के तहत कार्रवाई करते हुए साइबर थाना, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना विधानसभा की संयुक्त टीम ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। मामले की जांच के दौरान पुलिस को 40 से अधिक फर्जी कंपनियों के संचालन और फर्जी बैंक खातों के जरिए रकम की हेराफेरी के प्रमाण मिले हैं।
By Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 28 Jul 2025 06:58:05 PM (IST)
Updated Date: Mon, 28 Jul 2025 06:58:05 PM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी के थाना विधानसभा क्षेत्र की निवासी एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर दो करोड़ 83 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, लखनऊ और देवरिया जिलों से कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने खुद को ईडी अधिकारी बताकर महिला को मनी लांड्रिंग की जांच में फंसाने का डर दिखाया और तीन महीने तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट में रखा।
ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत की कार्रवाई
रायपुर पुलिस के साइबर शील्ड ऑपरेशन के तहत कार्रवाई करते हुए साइबर थाना, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना विधानसभा की संयुक्त टीम ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। मामले की जांच के दौरान पुलिस को 40 से अधिक फर्जी कंपनियों के संचालन और फर्जी बैंक खातों के जरिए रकम की हेराफेरी के प्रमाण मिले हैं। पीड़िता के खाते से ठगी गई रकम में से 43 लाख रुपये की राशि को पुलिस ने विभिन्न खातों से होल्ड कराया है। आरोपितों के पास से बड़ी संख्या में बैंक खाता विवरण, चेक बुक, सिम और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
कंपनी खोल कर डाल रहे थे रकम
आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि वे श्री नारायणी इंफ्रा डेवलपर्स, स्नो हाइट्स कंस्ट्रक्शन समेत कई फर्जी कंपनियों के जरिए बैंक खाते खोलते और ठगी की रकम को ट्रांसफर करते थे। फरार अन्य आरोपितों की तलाश जारी है और गिरोह की संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपितों में आकाश साहू, शेर बहादुर सिंह उर्फ मोनू (गोरखपुर), अनूप मिश्रा, नवीन मिश्रा (लखनऊ) और आनंद सिंह (देवरिया) शामिल हैं। इनमें से आरोपित नवीन मिश्रा पंजाब नेशनल बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र भी संचालित करता है। गिरोह का सरगना प्रदीप सिंह वर्तमान में बरेली जेल में बंद है, जिसे प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर लाया जाएगा।