जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी, घर बैठे होगा जमीन डायवर्सन और भुगतान, अब नहीं काटने होंगे एसडीएम कार्यालय के चक्कर

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January 30, 2026


Land Diversion: छत्तीसगढ़ में भू-राजस्व व्यवस्था को और अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने की दिशा में राजस्व विभाग एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। र …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 30 Jan 2026 09:15:48 PM (IST)Updated Date: Fri, 30 Jan 2026 09:15:48 PM (IST)

जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी, घर बैठे होगा जमीन डायवर्सन और भुगतान, अब नहीं काटने होंगे एसडीएम कार्यालय के चक्कर
घर बैठे होगा जमीन डायवर्सन और भुगतान। (Image Source: AI-Generated)

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग ने लिया बड़ा फैसला
  2. 16वें दिन सिस्टम स्वतः देगा डायवर्सन की मंजूरी
  3. भारी विरोध के बाद सरकार ने घटाईं गाइडलाइन दरें

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में भू-राजस्व व्यवस्था को और अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने की दिशा में राजस्व विभाग एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में अब जमीन डायवर्सन (व्यपवर्तन) की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने की तैयारी अंतिम चरण में है। इसके लिए विभाग ने नया पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार कर लिया है, जिससे जमीन मालिक अब घर बैठे ही डायवर्सन के लिए आवेदन कर सकेंगे।

15 दिन की समय-सीमा और ऑटो-अप्रूवल की सुविधा

नए सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता ‘ऑटो-अप्रूवल’ (स्वत: स्वीकृति) का प्रावधान है। ऑनलाइन आवेदन सीधे संबंधित जिले के एसडीएम (SDM) के लॉगिन पर पहुँचेगा। एसडीएम को दस्तावेजों की जांच कर 15 दिनों के भीतर आदेश जारी करना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में आदेश जारी नहीं होता है, तो 16वें दिन सिस्टम स्वयं स्वीकृति आदेश जारी कर देगा, जिसे कानूनी रूप से पूर्णतः वैध माना जाएगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कार्यालयों में लंबित प्रकरणों को कम करना और जनता को राहत देना है।

घर बैठे आवेदन और शुल्क का ऑनलाइन भुगतान

जमीन मालिकों को डायवर्सन के लिए अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। उन्हें सरकारी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसमें संबंधित क्षेत्र के अनुसार निर्धारित भू-राजस्व और प्रीमियम दर (डायवर्सन शुल्क) का ऑनलाइन भुगतान करना भी अनिवार्य होगा। हालाँकि, इस योजना की अधिसूचना 13 दिसंबर को ही जारी कर दी गई थी, लेकिन सॉफ्टवेयर तैयार न होने के कारण इसमें देरी हुई। अब विभागीय स्तर पर इसका ट्रायल शुरू कर दिया गया है।

विरोध के बाद गाइडलाइन दरों में बड़ा संशोधन

संपत्ति की दरों को लेकर पिछले दो महीनों से हो रहे विरोध को देखते हुए सरकार ने संशोधित गाइडलाइन जारी कर दी है। रायपुर और कोरबा जिलों के लिए नई सरकारी दरें 30 जनवरी से प्रभावी हो गई हैं। नई गाइडलाइन में शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों की दरों में अधिक कमी की गई है। पूर्व में जो दरें 400 से 500 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई थीं, उन्हें अब संशोधित कर लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि तक सीमित कर दिया गया है।

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सॉफ्टवेयर अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने कलेक्टरों द्वारा भेजे गए संशोधित दरों के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसके बाद महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के अनुसार, इस ऑनलाइन सिस्टम के लागू होने से न केवल प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि हर चरण की डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव होगी, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को स्वयं देख सकेंगे।

ऑनलाइन सिस्टम लागू होने से न केवल प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि हर चरण की डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव होगी। आवेदक आवेदन की स्थिति पोर्टल पर ही देख सकेंगे।- डॉ. गौरव सिंह, कलेक्टर, रायपुर



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