फर्जी रजिस्ट्री कर मृत महिला को बताया जिंदा, रायपुर में कारोबारी होरा-BJP मंडल अध्यक्ष सहित 7 पर मामला दर्ज

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October 10, 2025


CG News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर मृत महिला को जीवित बताने और प्लॉट मालिकों को धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने रिटायर्ड शिक्षक देवनाथ देवागन की शिकायत पर अपराध दर्ज किया है।

Publish Date: Thu, 09 Oct 2025 11:01:09 AM (IST)

Updated Date: Thu, 09 Oct 2025 11:01:43 AM (IST)

फर्जी रजिस्ट्री कर मृत महिला को बताया जिंदा, रायपुर में कारोबारी होरा-BJP मंडल अध्यक्ष सहित 7 पर मामला दर्ज
कारोबारी और BJP मंडल अध्यक्ष सहित 7 पर मामला दर्ज

HighLights

  1. फर्जी रजिस्ट्री कर मृत महिला को बताया जिंदा।
  2. कारोबारी-BJP मंडल अध्यक्ष पर मामला दर्ज।
  3. कारोबारी पर पुराने मामलों में फर्जीवाड़े के आरोप।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर मृत महिला को जीवित बताने और प्लॉट मालिकों को धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने रिटायर्ड शिक्षक देवनाथ देवागन की शिकायत पर होटल कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा, बीजेपी तेलीबांधा मंडल अध्यक्ष दलविंदर सिंह बेदी और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने की धाराओं में अपराध दर्ज किया है।

एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने मृत महिला चमारिन बाई को जिंदा दिखाकर उसकी जगह फर्जी महिला को मुख्तियार बनाते हुए 1999 में रजिस्ट्री करा दी थी। जबकि महिला की मृत्यु का प्रमाणपत्र वर्ष 1980 का है। इस तरह फर्जी बैनामा तैयार कर कई प्लॉटों की विक्रय रजिस्ट्री की गई और बाद में उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वास्तविक भू-स्वामियों को अपनी ही जमीन पर मकान नहीं बनाने दिया गया।

कारोबारी पर पुराने मामलों में भी फर्जीवाड़े के आरोप

शिकायत में बताया गया है कि गुरुचरण सिंह होरा, जो शहर में होटल कारोबारी के रूप में जाना जाता है, ने अपने रिश्तेदारों रंजीत सिंह, मंजीत सिंह, इंदरपाल सिंह, हरपाल सिंह, अविनाश सिंह और साथी दलविंदर सिंह बेदी के साथ मिलकर यह साजिश रची। इन सभी के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 506, 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

पीड़ित पक्ष ने बताया कि न्यायालय ने पहले ही इन रजिस्ट्रियों को अवैध और शून्य घोषित कर दिया था, बावजूद इसके आरोपी बार-बार भूमि पर कब्जा करने और निर्माण रोकने की धमकी देते रहे। आरोप है कि जब भू-स्वामियों ने अपने प्लॉट पर निर्माण शुरू किया, तो होरा गिरोह के लोगों ने वहां पथराव किया और निर्माण सामग्री फेंकवाकर धमकाया कि ‘यह जमीन गुरुचरण भैया की है।’



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