असम विधानसभा चुनाव से पहले वहां राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और …और पढ़ें

HighLights
- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने की कानूनी कार्रवाई
- गौरव गोगोई ने हिमंत बिस्वा सरमा पर लगाए थे गंभीर आरोप
- भूपेश बघेल ने मानहानि के मुकदमे को सरमा का ‘डर’ बताया
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह और गौरव गोगोई के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि केस दर्ज कराया है। सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि इन नेताओं ने प्रेस कान्फ्रेंस के जरिए उन पर जानबूझकर झूठे और अपमानजनक आरोप लगाए हैं।
जानकारी के मुताबिक विवाद की शुरुआत चार फरवरी को हुई, जब असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार ने राज्य में लगभग 12,000 बीघा (करीब 3,960 एकड़) सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया है। इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सरमा ने कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना है।
भूपेश बघेल ने कहा-ये डर अच्छा है
इधर , पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस कानूनी कार्रवाई पर पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि असम की जनता ‘बंटी और बबली’ की लूट से त्रस्त है। उन्होंने असम के बढ़ते कर्ज और जुबीन गर्ग की मृत्यु के मुद्दे को उठाकर मानहानि के मुकदमे को सरमा का ‘डर’ करार दिया।
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कोर्ट में करे जनता का सामना
बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा को मानसिक चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए, उनकी भाषा संवैधानिक पद की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। वहीं, सांसद गौरव गोगोई ने मानहानि केस को मुख्यमंत्री की घबराहट बताते हुए चुनौती दी है कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे कोर्ट में जनता का सामना करें।