रायपुर में होटल कारोबारी और डीएसपी परिवार का विवाद पहुंचा कोर्ट, दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच पूरी

Author name

December 8, 2025


रायपुर में एक महिला डीएसपी के परिवार और शहर के एक होटल कारोबारी के बीच शुरू हुआ वित्तीय विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। पिछले दो महीनों से दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे थे और अलग-अलग थानों में शिकायतें दर्ज करा चुके थे। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच पूरी कर उन्हें सिविल प्रकृति का विवाद मानते हुए न्यायालय में भेज दिया है।

Publish Date: Mon, 08 Dec 2025 06:21:41 PM (IST)

Updated Date: Mon, 08 Dec 2025 06:23:47 PM (IST)

रायपुर में होटल कारोबारी और डीएसपी परिवार का विवाद पहुंचा कोर्ट, दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच पूरी
रायपुर में डीएसपी परिवार और होटल कारोबारी के विवाद की गूंज अदालत तक पहुंची। फाइल फोटो

HighLights

  1. दोनों पक्षों ने दर्ज कराई अलग-अलग शिकायतें
  2. पुलिस ने विवाद को सिविल प्रकृति बताया
  3. बकाया राशि और चेक बाउंस मुख्य मुद्दा

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: राजधानी रायपुर में एक महिला डीएसपी के परिवार और शहर के एक होटल कारोबारी के बीच चल रहा वित्तीय विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। दो माह से अधिक समय से जारी इस प्रकरण ने अब कानूनी रूप ले लिया है। मामले में दोनों पक्षों ने अलग-अलग थानों में अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं और पुलिस ने दोनों ही मामलों की जांच पूर्ण कर ली है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने इसे एक वित्तीय लेन-देन से जुड़ा सिविल विवाद माना है और इसे न्यायालय को सौंप दिया है।

पहली शिकायत- डीएसपी परिवार का आरोप

सूत्रों के अनुसार, डीएसपी के परिजन हेमंत वर्मा और राकेश वर्मा ने पंडरी थाना में होटल व्यवसायी दीपक टंडन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि व्यावसायिक संबंधों और रेस्टोरेंट से जुड़े एक वित्तीय लेन-देन के तहत दीपक टंडन पर कुछ राशि बकाया है, जिसे उसने अभी तक वापस नहीं किया। परिजनों का यह भी कहना था कि भुगतान के लिए जो चेक दीपक टंडन द्वारा दिया गया था, वह बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया, जिससे विवाद और गहरा गया। यह चेक बाउंस प्रकरण इस समय न्यायालय में विचाराधीन है।

दूसरी शिकायत- होटल कारोबारी की पत्नी का आरोप

पहली शिकायत के कुछ दिनों बाद होटल कारोबारी की पत्नी ने खम्हारडीह थाना में डीएसपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि उनकी महंगी कार को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के डीएसपी ने अपने कब्जे में ले लिया, जिससे उन्हें आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इस आरोप ने विवाद को और जटिल बना दिया।

पुलिस का निष्कर्ष- कोई आपराधिक मामला नहीं

पंडरी और खम्हारडीह थाना पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान और दस्तावेजों की जांच की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरा प्रकरण आपस के वित्तीय लेन-देन और असहमति से जुड़ा है। इसमें किसी आपराधिक हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पाई गई। इसी कारण मामले को सिविल प्रकृति का मानते हुए न्यायालय के समक्ष भेज दिया गया है।

डीएसपी परिवार का पक्ष

डीएसपी परिवार का कहना है कि वर्ष 2024 में उनके परिजनों ने अपने पुत्र के लिए एक रेस्टोरेंट संबंधी व्यापारिक समझौता होटल कारोबारी दीपक टंडन के माध्यम से किया था। बाद में रेस्टोरेंट को बेच दिया गया और विक्रय के बाद कुछ राशि का भुगतान दीपक टंडन द्वारा नहीं किया गया। परिवार का कहना है कि बकाया राशि के बदले दीपक टंडन ने अपनी पत्नी के नाम से सिक्योरिटी चेक दिया था, जो बाउंस हो गया और अब मामला कोर्ट में है।

परिवार का आरोप- मीडिया में भ्रम फैलाया गया

डीएसपी परिवार का कहना है कि मीडिया के कुछ हिस्सों में इस मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और अनावश्यक रूप से उनके परिवार का नाम इसमें घसीटा गया। उनका दावा है कि यह विवाद केवल परिजनों के निजी लेन-देन से जुड़ा है और उनका इससे कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

यह भी पढ़ें- एक करोड़ के इनामी रामधेर समेत 12 माओवादियों का सरेंडर, MMC जोन माओवादी मुक्त! सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली



Source link