ऑनलाइन ठगों ने ठगी करने का नया तरीका खोज निकाला है। शातिर ठग ऑनलाइन ई-चालान का फर्जी लिंक डालकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। राजधानी रायपुर में ऐसे ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जिसे ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग की ओर से अपील की गई है, कि चालानों की जांच आधिकारिक वेबसाइट से ही करें।
Publish Date: Sat, 06 Sep 2025 11:24:26 AM (IST)
Updated Date: Sat, 06 Sep 2025 11:43:52 AM (IST)

HighLights
- छत्तीसगढ़ में आरटीओ ई-चालान से जुड़ी धोखाधड़ी के 100 से ज्यादा मामले सामने आए
- ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का फर्जी एसएमएस भेजकर ठगी करने का नया तरीका निकला
- अपने ई-चालाना की जानकारी के लिए सरकारी की ओर से जारी वेबसाइट पर जाकरे देखें
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: साइबर ठगों ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के बारे में फर्जी एसएमएस भेजकर लोगों से ठगी करने का एक नया तरीका ढूंढ निकाला है। संदेश, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग के नाम से भेजे जा रहे हैं जिसमें जुर्माना भरने के लिए एक लिंक दिया होता है। जैसे ही लिंक पर क्लिक करके भुगतान करने का प्रयास किया जाता है, पीड़ित के बैंक खाते से पैसे गायब हो जाते हैं।
हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ में आरटीओ ई-चालान से जुड़ी धोखाधड़ी के सौ से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। असल में, नकली ई-चालान के माध्यम से लोगों को ट्रैफिक नियम उल्लंघन का फर्जी संदेश भेजकर डराया जाता है और साथ ही फर्जी लिंक के जरिए उनकी व्यक्तिगत जानकारी और बैंक खाते से पैसे चुराए जाते हैं। इस गंभीर मामले को लेकर परिवहन विभाग ने आम जनता से सावधान रहने की अपील की है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों बताया कि यदि आपको किसी भी संदिग्ध ई-चालान या टेक्स्ट मैसेज के साथ लिंक मिलता है, तो उस पर बिलकुल भी क्लिक न करें। अक्सर ऐसे मैसेजों में डाट एपीके जैसी फाइलों का लिंक होता है, जो आपके मोबाइल या कंप्यूटर में वायरस आ सकता है। इसलिए इन फर्जी लिंक से दूर रहें और केवल विभाग के आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
ऐसे जांचे अपना चालान
बता दें कि अपने चालान की सही जांच के लिए आपको ‘ई-चालान डाट ट्रांसपोर्ट डाट गर्व डाट इन’ https://www.echallan.cg.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा। यहां ई-चालान के पेज में जाकर पे आनलाइन पर क्लिक कर चालान नंबर एवं कैप्चा कोड भरना होगा। फिर मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को डालकर चालान का पूरा विवरण प्राप्त किया जा सकता है। यह तरीका पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय है।
न करें अनजान लिंक पर क्लिक
पुलिस और परिवहन अमले द्वारा जब भी किसी वाहन मालिक को चालान या सूचना भेजी जाती है, तो वह केवल पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से टेक्स्ट मैसेज के रूप में ही होती है। इसलिए विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी अजनबी द्वारा भेजे गए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और आनलाइन पैसे का भुगतान केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही करें। यदि कोई धोखाधड़ी संबंधी काल, मैसेज या एप संदिग्ध लगे तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में जाकर लिखित में शिकायत दर्ज कराएं।
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ई-चालान के फर्जी लिंक या मैसेज से सभी वाहन मालिक सावधान रहें। लापरवाही बरतने पर बैंक खाते और व्यक्तिगत डेटा को खतरा हो सकता है, इसलिए हमेशा सतर्क रहें और केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही ई-चालान का भुगतान करें।
-डी.रविशंकर, अपर परिवहन आयुक्त