सूरजपुर में आरटीआई के तरह स्कूल में पढ़ रहे बच्चों से मजदूरी कराने के मामले में हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप किया है। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को …और पढ़ें

HighLights
- स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से 11 तक जानकारी देने को कहा
- सूरजपुर के मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल से जुड़ा है मामला
- परिजनों ने केलक्टर के सामने सबूत दिखाकर शिकायत की
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: मुख्यमंत्री डीएवी स्कूल में आरटीई के तहत पढ़ाई कर रहे बच्चों से मजदूरी कराने का मामला सामने आया था। इस घटना को 28 फरवरी के अंक में नईदुनिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस घटना पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने कोर्ट में बताया कि इस मामले की सच्चाई जानने के लिए 23 फरवरी को एक जांच कमेटी का गठन किया गया है। हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को 11 मार्च तक इस संबंध में विस्तृत जानकारी पेश करने का आदेश दिया है।
सूरजपुर जिले के तिलसिवां स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों से मजदूरी कराई जा रही थी। प्राचार्य विधु शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों से स्कूल परिसर में मजदूरी और पुताई का काम करवाया।
प्राचार्या ने भी किया दुर्व्यवहार
अभिभावकों की शिकायत के अनुसार, बच्चों से स्कूल में सीमेंट, रेत धुलवाने और कक्षाओं की पुताई जैसे काम कराए गए। शिकायत में यह भी बताया गया कि बच्चों ने काम करने से मना करने पर उन्हें स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती थी। जब अभिभावक इस विषय पर बात करने स्कूल पहुंचे, तो प्राचार्य विधु शर्मा ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और कहा कि उनके बच्चों को मुफ्त में बैग और किताबें मिल रही हैं, इसलिए उन्हें कोई शिकायत नहीं करनी चाहिए।